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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बनेंगे नए फुट ओवरब्रिज, पैदल यात्रियों को मिलेगी सुरक्षित क्रॉसिंग

24 सितंबर 2026  दिल्ली में दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे (NH-709B) पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा और आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए दो नए फुट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण किया जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बुधवार को गीता कॉलोनी/गांधी नगर और रमेश पार्क, लक्ष्मी नगर में बनने वाले दोनों फुट ओवरब्रिज का शिलान्यास किया। इसके अलावा भजनपुरा-गढ़ी मेंडू के पास एक तीसरे फुट ओवरब्रिज को भी मंजूरी दी गई है। तीनों परियोजनाओं की अनुमानित कुल लागत ₹12.8 करोड़ बताई गई है।

गीता कॉलोनी और लक्ष्मी नगर में बनेंगे दो FOB

पहले दो फुट ओवरब्रिज गीता कॉलोनी/गांधी नगर और रमेश पार्क, लक्ष्मी नगर में बनाए जाएंगे। सरकारी जानकारी के अनुसार, गीता कॉलोनी-गांधी नगर वाला FOB एक्सप्रेसवे के करीब 5+100 किलोमीटर पर, जबकि रमेश पार्क-लक्ष्मी नगर वाला FOB करीब 2+800 किलोमीटर पर होगा।

इन दोनों फुट ओवरब्रिज में लिफ्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बुजुर्गों, दिव्यांग या चलने-फिरने में परेशानी वाले लोगों के साथ-साथ छात्रों, कामगारों और रोजाना आने-जाने वाले अन्य लोगों को सड़क पार करने में सुविधा मिलेगी।

भजनपुरा-गढ़ी मेंडू में तीसरे FOB को मंजूरी

पूर्वी दिल्ली में दो FOB के अलावा भजनपुरा-गढ़ी मेंडू के पास एक और फुट ओवरब्रिज को मंजूरी दी गई है। यह सुविधा NH-709B के करीब 10+800 किलोमीटर पर प्रस्तावित है।

तीनों फुट ओवरब्रिज का उद्देश्य एक्सप्रेसवे पर पैदल यात्रियों के लिए अलग और सुरक्षित क्रॉसिंग उपलब्ध कराना है। इससे पैदल लोगों और तेज रफ्तार वाहनों के बीच सीधे संपर्क को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही भी बिना रुकावट जारी रह सकेगी।

घनी आबादी वाले इलाकों में पैदल सुरक्षा पर जोर

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का दिल्ली वाला हिस्सा कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है। इस मार्ग के आसपास आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र होने के कारण बड़ी संख्या में लोग रोजाना पैदल भी आवाजाही करते हैं।

ऐसे में सड़क पार करने के लिए सुरक्षित और निर्धारित स्थान उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए फुट ओवरब्रिज पैदल यात्रियों को एक्सप्रेसवे पर सीधे सड़क पार करने के बजाय अलग क्रॉसिंग उपलब्ध कराएंगे।

लिफ्ट से बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगी सुविधा

दो नए FOB में लिफ्ट लगाए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य केवल पैदल यात्रियों को सड़क पार कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग आयु और शारीरिक क्षमता वाले लोगों के लिए इसे अधिक सुलभ बनाना भी है।

लिफ्ट की सुविधा से सीढ़ियों का उपयोग करने में कठिनाई महसूस करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। छात्रों और रोजाना काम के लिए यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी निर्धारित पैदल क्रॉसिंग सुविधा उपयोगी हो सकती है।

एक्सप्रेसवे के नीचे पार्किंग और अन्य सुविधाएं

केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से के नीचे पार्किंग सुविधाएं शुरू की गई हैं। इसके साथ ही दिल्ली वाले हिस्से के सौंदर्यीकरण की व्यापक योजना पर भी काम चल रहा है।

एलिवेटेड कॉरिडोर के नीचे की जगह का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए पार्किंग प्रबंधन के साथ EV चार्जिंग स्टेशन, शौचालय और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना बताई गई है। इन उपायों का उद्देश्य पार्किंग व्यवस्था को बेहतर करने और यातायात दबाव कम करने में मदद करना है।

एक्सप्रेसवे के किनारे लगाए जा रहे सोलर पैनल

दिल्ली वाले एलिवेटेड हिस्से में सोलर पैनल लगाने का काम भी किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इससे हाईवे से जुड़ी बिजली की जरूरतों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सोलर ऊर्जा के इस्तेमाल से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और सड़क बुनियादी ढांचे में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाया जा रहा है।

तीनों FOB पर ₹12.8 करोड़ खर्च होने का अनुमान

सरकारी जानकारी के अनुसार, गीता कॉलोनी/गांधी नगर, रमेश पार्क/लक्ष्मी नगर और भजनपुरा-गढ़ी मेंडू में प्रस्तावित तीनों फुट ओवरब्रिज की कुल अनुमानित लागत ₹12.8 करोड़ है।

इन परियोजनाओं को पूर्वी दिल्ली में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और रोजाना की आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के रूप में देखा जा रहा है।

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