5 अगस्त, 2026 : सावन माह में आस्था, सेवा और पारिवारिक सम्मान की एक भावुक तस्वीर सामने आई है। 95 वर्षीय दादी को पालकी में बैठाकर उनके 24 पोते हरिद्वार से कांवड़ यात्रा पर निकले। श्रद्धा और समर्पण का यह दृश्य देखकर रास्ते में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग दादी की लंबे समय से इच्छा थी कि वे कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनें। उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उनके पोतों ने उन्हें पालकी में बैठाकर यात्रा कराने का निर्णय लिया, ताकि उनकी मनोकामना पूरी हो सके।
सेवा और संस्कार की मिसाल
पूरी यात्रा के दौरान पोते बारी-बारी से पालकी को अपने कंधों पर उठाते रहे। श्रद्धालुओं ने इस दृश्य को भारतीय परिवार व्यवस्था, बुजुर्गों के सम्मान और संस्कारों की अनूठी मिसाल बताया।
रास्ते भर मिला लोगों का आशीर्वाद
यात्रा के दौरान जहां-जहां पालकी पहुंची, वहां लोगों ने परिवार की सराहना की। कई श्रद्धालुओं ने दादी का आशीर्वाद लिया और पोतों की सेवा भावना की प्रशंसा की।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
इस अनोखी कांवड़ यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग इसे पारिवारिक एकता, संस्कार और बुजुर्गों के प्रति सम्मान का प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं।
