5 अगस्त, 2026 : दिल्ली कैबिनेट ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (Ease of Doing Business) विधेयक के मसौदे पर विस्तृत चर्चा की। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य कारोबार शुरू करने और संचालित करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। मसौदे में सेल्फ-सर्टिफिकेशन (स्व-प्रमाणन) और डीम्ड अप्रूवल (निर्धारित समय सीमा में स्वीकृति न मिलने पर स्वतः मंजूरी) जैसे प्रावधान शामिल करने का प्रस्ताव है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, नए विधेयक के जरिए निवेशकों और उद्यमियों को विभिन्न विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। इससे कारोबार से जुड़ी प्रशासनिक बाधाओं को कम करने और निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
सेल्फ-सर्टिफिकेशन पर जोर
प्रस्तावित विधेयक के तहत कुछ श्रेणियों के व्यवसायों को प्रारंभिक स्तर पर स्व-प्रमाणन की सुविधा देने का प्रस्ताव है, जिससे लाइसेंस और अनुमति प्राप्त करने में लगने वाला समय कम हो सके।
डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान
मसौदे में यह भी प्रस्तावित है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित विभाग आवेदन पर निर्णय नहीं लेता, तो कुछ मामलों में उसे स्वतः स्वीकृत (Deemed Approval) माना जा सकेगा। इसका उद्देश्य प्रक्रियाओं में देरी को कम करना है।
निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस विधेयक के लागू होने से निवेश का माहौल बेहतर होगा, उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विधेयक के अंतिम स्वरूप को मंजूरी मिलने के बाद इसे आगे की वैधानिक प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
