2 जुलाई 2026 : हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने वाली और बकाया पर्यावरण क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) जमा नहीं करने वाली औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।
बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि जिन इकाइयों ने पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर लगाए गए जुर्माने का भुगतान नहीं किया है, उन्हें Consent to Operate (CTO) और Consent to Establish (CTE) जैसी मंजूरियों का नवीनीकरण नहीं दिया जाएगा।
बकाया राशि की वसूली तेज करने के निर्देश
HSPCB की बैठक में क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित पर्यावरण मुआवजे की वसूली में तेजी लाई जाए। बोर्ड के अनुसार, निजी उद्योगों के साथ-साथ कुछ सरकारी संस्थानों पर भी पर्यावरण क्षतिपूर्ति की राशि बकाया है।
प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई जारी
बोर्ड का कहना है कि पर्यावरण नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों को आर्थिक दंड के साथ अन्य प्रशासनिक कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
हरियाणा सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का उद्देश्य प्रदूषण कम करना और उद्योगों को पर्यावरण मानकों का पालन करवाना है। अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति केवल जुर्माना नहीं बल्कि प्रदूषण से हुए नुकसान की भरपाई का माध्यम है।
