29 जून 2026 : पंजाब के मुक्तसर जिले में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो कथित अवैध नशा मुक्ति केंद्रों का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान करीब 60 लोगों को इन केंद्रों से बाहर निकाला गया। इनमें कुछ नाबालिग भी शामिल बताए गए हैं। सभी को सरकारी अस्पतालों में भेजा गया।
अधिकारियों के अनुसार, ये केंद्र मलोट शहर के पास और लांबी विधानसभा क्षेत्र के कटियावाली गांव में चल रहे थे। आरोप है कि दोनों केंद्र बिना जरूरी लाइसेंस और स्वास्थ्य सुविधाओं के संचालित किए जा रहे थे।
बिना लाइसेंस और सुविधाओं की कमी का आरोप
जांच टीम ने बताया कि केंद्रों में जरूरी मेडिकल स्टाफ और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। वहां रहने वाले लोगों को सामान्य कमरों में रखा गया था और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं भी संतोषजनक नहीं मिलीं।
अधिकारियों के मुताबिक, इन स्थानों को धार्मिक गतिविधियों से जोड़कर पेश किया जा रहा था, जबकि वहां नशा मुक्ति केंद्र जैसी गतिविधियां चल रही थीं।
पुलिस ने दर्ज की FIR
कार्रवाई के बाद पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आगे की जांच में केंद्र चलाने वाले लोगों और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
मरीजों से ली जा रही थी फीस
रेस्क्यू किए गए लोगों ने अधिकारियों को बताया कि वे कुछ महीनों से वहां रह रहे थे और इलाज के लिए पैसे दे रहे थे। प्रशासन अब इन केंद्रों की पूरी व्यवस्था और रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
अवैध नशा मुक्ति केंद्रों पर सख्ती
पंजाब में अवैध नशा मुक्ति केंद्रों को लेकर पहले भी कई बार कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति चल रहे ऐसे केंद्रों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
