13 मई 2026 : संजीव अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत को अवैध और राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।
जानकारी के अनुसार याचिका में उनकी रिहाई की मांग की गई है और जांच एजेंसी की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।
संजीव अरोड़ा का कहना है कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक कारणों से प्रेरित है और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती है।
मामले को लेकर पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और विभिन्न राजनीतिक दल अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में अदालत जांच एजेंसी की कार्रवाई, कानूनी प्रक्रिया और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन का परीक्षण करती है।
दूसरी ओर जांच एजेंसियां आमतौर पर अपनी कार्रवाई को कानून के अनुरूप बताती हैं और अदालत में अपना पक्ष रखती हैं।
अब सभी की नजर हाई कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है, जहां मामले में महत्वपूर्ण कानूनी बहस हो सकती है।
कुल मिलाकर संजीव अरोड़ा द्वारा ईडी हिरासत को राजनीतिक प्रतिशोध बताकर चुनौती दिए जाने से पंजाब की राजनीति और कानूनी विवाद दोनों और गहरे हो गए हैं।
