13 मई 2026 : भगवंत मान ने आरोप लगाया है कि यदि भारतीय जनता पार्टी दोबारा सत्ता में आती है तो वह फिर से कठोर कृषि कानून लागू करने की कोशिश कर सकती है।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मान ने किसानों और कृषि नीतियों को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि पंजाब और देश के किसानों ने पहले भी कृषि कानूनों के खिलाफ लंबा आंदोलन किया था और किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कृषि मुद्दे पंजाब की राजनीति में बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली विषय बने हुए हैं।
दूसरी ओर भाजपा पहले भी यह कह चुकी है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखकर ही नीतियां बनाई जाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी माहौल में कृषि और किसान हितों से जुड़े मुद्दे राजनीतिक दलों के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहते हैं।
इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में किसान मुद्दों को लेकर बहस और तेज हो गई है।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह बयान आगामी चुनावी राजनीति में कृषि कानूनों के मुद्दे को फिर से केंद्र में ला सकता है।
