22 अप्रैल 2026 : अमृतसर के रामपुरा गांव में बैरागी संतों की समृद्ध परंपरा और विरासत को सम्मान देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान संतों के योगदान और उनके द्वारा समाज में किए गए आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बैरागी संतों की शिक्षाएं आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे पूरे गांव का माहौल भक्तिमय हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के बारे में जानने का मौका मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहलें न केवल परंपराओं को जीवित रखने में मदद करती हैं, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव को भी मजबूत करती हैं।
आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि संतों की विरासत को आगे बढ़ाया जा सके।
यह आयोजन क्षेत्र में सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर अमृतसर के रामपुरा गांव में बैरागी संतों की विरासत को सम्मान देने का यह प्रयास लोगों के बीच सकारात्मक संदेश लेकर आया है।
