12 मार्च 2026 : नागपुर में पश्चिम एशिया में इरान-इज़राइल युद्ध के कारण LPG गैस की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। होर्मुझ की खाड़ी में गैसवाहू जहाजों के अटक जाने से शहर में घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की भारी कमी देखने को मिल रही है।
शहर के शेकड़ों घरगुती खानावली और डब्बा सेवाओं पर इसका सबसे बड़ा असर पड़ा है। कई खानावली चालकों ने अब अपने ग्राहकों को सूचित किया कि वे सीमित गैस स्टॉक के कारण सेवाएं बंद कर सकते हैं। कुछ के पास केवल एक या दो सिलेंडर बचे हैं, जिससे भविष्य में क्या होगा यह चिंता का विषय बन गया है।
सहयोग मेस एंड टिफिन सर्विसेस के संचालक हेमंत मडावी ने बताया कि उनके पास सिर्फ एक सिलेंडर बचा है, जो 15 दिन ही चलेगा। अगर सप्लाई नियमित नहीं हुई तो उन्हें पुराने समय की तरह कोयले या लकड़ी पर खाना बनाना पड़ेगा। इलेक्ट्रिक इंडक्शन विकल्प हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर खाना बनाने के लिए ये महंगे और कठिन हैं। उन्होंने सरकार और कंपनियों से तुरंत सप्लाई नियमित करने की अपील की, नहीं तो छोटे व्यवसायों को बड़ा आर्थिक नुकसान होगा।
छोटे व्यवसायिक इंडक्शन और पारंपरिक इंधन विकल्पों की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन हर खानावली चालक के लिए यह खर्चा संभालना मुश्किल है। इसके मद्देनज़र गैस कंपनियों को छोटे व्यवसायिक और घरेलू ग्राहकों के लिए विशेष कोटा लागू करने की आवश्यकता है।
नागपुर में पढ़ाई करने वाले हजारों छात्र और एकल कर्मचारी पूरी तरह खानावली सेवाओं पर निर्भर हैं। अगर ये सेवाएं बंद हुईं, तो छात्रों और कामकाजी लोगों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा। कुछ खानावली बढ़ते खर्च के कारण टिफिन के दाम बढ़ाने की चेतावनी भी दे रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण गैस आयात प्रभावित होने से स्थानीय स्तर पर भारी कमी पैदा हुई है, जिसका सीधा असर डब्बा सर्विस और मेस चलाने वाले हजारों लोगों पर पड़ा है।
