13 जून 2026 : Bandra Kurla Complex (बीकेसी) में शुरू की गई ‘नो कार फ्रायडे’ पहल पहले ही दिन अपेक्षित प्रभाव नहीं दिखा सकी। निजी वाहनों की आवाजाही जारी रहने के कारण क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव बना रहा और लोगों को भीषण गर्मी के बीच लंबी देरी तथा असुविधा का सामना करना पड़ा।
इस पहल का उद्देश्य निजी वाहनों के उपयोग को कम करना, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना और यातायात तथा प्रदूषण में कमी लाना था। हालांकि पहले दिन बड़ी संख्या में लोग अपने निजी वाहनों से ही बीकेसी पहुंचे, जिससे योजना की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे।
Mumbai के इस प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र में काम करने वाले कई लोगों ने सार्वजनिक परिवहन और अंतिम मील (लास्ट-माइल) कनेक्टिविटी से जुड़ी चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया। कुछ यात्रियों ने कहा कि पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था के बिना निजी वाहन छोड़ना मुश्किल है।
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहलों को सफल बनाने के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन, शटल सेवाएं, पार्किंग प्रबंधन और जागरूकता अभियान की आवश्यकता होती है। केवल अपील के आधार पर निजी वाहन उपयोग में बड़ी कमी लाना आसान नहीं होता।
प्रशासन का कहना है कि यह एक दीर्घकालिक पहल है और शुरुआती चुनौतियों के बावजूद लोगों को इससे जोड़ने के प्रयास जारी रहेंगे। आने वाले दिनों में योजना की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जा सकते हैं।
