मुंबई 10 मार्च 2026 : जागतिक महिला दिवस के अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए दो बड़ी घोषणाएँ की हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के अनुसार पहले 180 दिनों की प्रसूति अवकाश मंजूर थी, लेकिन अब मातृत्व अवकाश की आवश्यकता होने पर महिला कर्मचारी कमाल 1 वर्ष तक अर्ध वेतन के साथ वैध मेडिकल प्रमाणपत्र के बिना भी रजा ले सकती हैं। इसका उद्देश्य मातृत्व का सम्मान करते हुए महिलाओं को परिवार और कार्य में संतुलन बनाए रखने में मदद करना है।
इसके साथ ही, मुंबई महानगर क्षेत्र में सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए ‘जल्दी आओ, जल्दी जाओ’ योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत महिलाएं सुबह 9:15 से 9:40 बजे के बीच जितना जल्दी आएंगी, उतना ही समय शाम को कार्यालय से जल्दी निकलने का लाभ मिलेगा, जिसमें अधिकतम 30 मिनट की छूट दी जाएगी। इसका उद्देश्य भीड़भाड़ के कारण होने वाली असुविधा को कम करना है।
सुनेत्रा पवार ने शक्ती फौजदारी कानून 2020 पर भी अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि यह कानून केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन भारतीय न्याय संहिता लागू होने के कारण इसे वापस लिया गया। पुलिस महासंचालक की समिति की सिफारिशों के आधार पर राज्य में आवश्यक सुधार प्रस्ताव विधि और न्याय विभाग को भेजा गया है। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए इस कानून को जल्द लागू करने की इच्छुक है और इसके लिए मुख्यमंत्री के साथ विशेष प्रयास किए जाएंगे।
सुनेत्रा पवार ने इस मौके पर कहा कि ये कदम महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं।
