पुणे 10 मार्च 2026 : तेज़ रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस ने पहली बार लेजर स्पीड कैमरों का उपयोग शुरू किया है। छह महीने के पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह पहल शनिवार से लोणावला, वडगाव-मावळ और यवत पुलिस थानों के क्षेत्र में लागू की गई है।
इस प्रोजेक्ट को ‘ब्लूमबर्ग फिलान्थ्रॉपीज इनिशिएटिव फॉर ग्लोबल रोड सेफ्टी’ के तहत, ग्लोबल रोड सेफ्टी पार्टनरशिप (GRSP) के सहयोग से चलाया जा रहा है। GRSP के वरिष्ठ रोड पोलिसिंग सलाहकार पॉल सिमकॉक्स ने ‘टूकैम’ लेजर स्पीड कैमरे पुलिस अधीक्षक संदीपसिंग गिल को सुपुर्द किए।
इन कैमरों से दिन और रात दोनों समय वाहनों की गति को सटीक मापा जा सकेगा, और ये कैमरे 320 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार रिकॉर्ड कर सकते हैं। कैमरों का उपयोग हाथ में पकड़कर, ट्राइपॉड पर या पुलिस वाहन में बैठाकर किया जा सकता है।
पुणे ग्रामीण सड़क सुरक्षा रिपोर्ट 2022-2023 के अनुसार, जिले में होने वाले प्राणघातक हादसों में लगभग 57% घटनाएं ग्रामीण इलाकों में हुई हैं। साल 2023 में पुणे ग्रामीण क्षेत्र में 983 सड़क हादसों में मौतें दर्ज की गईं, जो पिछले साल की तुलना में 5% अधिक हैं। इन हादसों में मुख्य रूप से दोपहिया सवार और पैदल यात्री प्रभावित हुए।
इस तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए मई 2025 में लगभग 40 पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें कैमरों की स्थापना, संचालन, साक्ष्य प्रबंधन और सड़क किनारे सुरक्षित कार्रवाई की ट्रेनिंग शामिल थी। इसके बाद लोणावला और वडगाव-मावळ थानों के अधिकारियों और कर्मियों के लिए नवंबर 2025 और फरवरी 2026 में अतिरिक्त प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए।
पायलट प्रोजेक्ट के दौरान मिले आंकड़ों के आधार पर, भविष्य में पुणे ग्रामीण पुलिस अपने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा उपायों को और व्यापक स्तर पर लागू करने की योजना बना रही है।
