1 अक्टूबर 2026 हरियाणा के यमुनानगर जिले के चच्छरौली ब्लॉक में टीबी मरीजों की मदद के लिए सामुदायिक भागीदारी की पहल सामने आई है। प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रयासों से 84 टीबी मरीजों को अपनाया गया है। इन मरीजों को इलाज के साथ पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के लिए पोषण किट भी वितरित की गईं। यह पहल केंद्र सरकार के निक्षय मित्र कार्यक्रम के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य टीबी मरीजों को उपचार के दौरान अतिरिक्त पोषण और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
टीबी मरीजों के लिए पोषण सहायता पर जोर
चच्छरौली में आयोजित टीबी फोरम की बैठक में मरीजों को चिकित्सा उपचार के साथ पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराने की जरूरत पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने की। इस दौरान कम्युनिटी हेल्थ सेंटर चच्छरौली के अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारी डॉ. वागीश गुटैन और जिला टीबी अधिकारी डॉ. चारु कालरा सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि टीबी से लड़ाई केवल दवाइयों और अस्पतालों तक सीमित नहीं है। मरीजों को उपचार के दौरान पौष्टिक भोजन और सामाजिक सहयोग मिलने से उनकी देखभाल को बेहतर बनाया जा सकता है।
निक्षय मित्र पहल के तहत मरीजों को अपनाया
निक्षय मित्र पहल के तहत कोई भी व्यक्ति, सामाजिक संस्था, संगठन, औद्योगिक प्रतिष्ठान या कॉरपोरेट संस्था टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार के दौरान पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध करा सकती है।
चच्छरौली ब्लॉक में 84 मरीजों को अपनाने के साथ उन्हें पोषण किट उपलब्ध कराई गईं। प्रशासन ने अधिक से अधिक लोगों और संस्थाओं से इस पहल से जुड़ने की अपील की है, ताकि जरूरतमंद टीबी मरीजों को उपचार के दौरान अतिरिक्त सहायता मिल सके।
टीबी उन्मूलन में समाज की भागीदारी जरूरी
एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने कहा कि टीबी को खत्म करना केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों, औद्योगिक एवं कॉरपोरेट संस्थानों और आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के जरिए टीबी मरीजों को उपचार के साथ जरूरी पोषण सहायता दी जा सकती है और बीमारी के खिलाफ जागरूकता को भी मजबूत किया जा सकता है।
स्कूलों में भी चलाए जाएंगे जागरूकता कार्यक्रम
टीबी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग को स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों और शिक्षकों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य है कि बीमारी के शुरुआती लक्षणों को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़े और जरूरत पड़ने पर मरीज समय पर जांच और इलाज करा सकें।
लक्षण दिखने पर तुरंत जांच की अपील
प्रशासन ने लोगों से टीबी के संभावित लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, चच्छरौली क्षेत्र में टीबी की जांच मुफ्त उपलब्ध है।
समय पर जांच और उपचार से मरीज के ठीक होने की संभावना बढ़ती है और संक्रमण के फैलाव को रोकने में भी मदद मिलती है। इसलिए लगातार स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई है।
अधिक लोगों से निक्षय मित्र बनने की अपील
प्रशासन ने सामाजिक संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और अन्य संगठनों से आगे आकर टीबी मरीजों को अपनाने का आग्रह किया है। निक्षय मित्र पहल के जरिए मरीजों को पोषण संबंधी सहायता देकर उनके उपचार के दौरान सहयोग किया जा सकता है।
चच्छरौली में 84 मरीजों को अपनाया जाना इसी सामुदायिक भागीदारी का उदाहरण है। प्रशासन का कहना है कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों का सहयोग जरूरी है।
कुल मिलाकर, हरियाणा के यमुनानगर जिले के चच्छरौली ब्लॉक में 84 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र पहल के तहत अपनाया गया है। मरीजों को पोषण किट भी उपलब्ध कराई गईं। प्रशासन ने टीबी उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं, उद्योगों और आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है।
