1 अक्टूबर 2026 हरियाणा के सिरसा में बुधवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने कथित ‘वोट चोरी’, मतदाता सूचियों में विसंगतियों और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के दावों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई।
यह प्रदर्शन सिरसा के मिनी सचिवालय के बाहर किया गया। NSUI कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय की ओर मार्च करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व NSUI युवा नेता आदिकर्ता माकन तंवर ने किया, जो पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर के बेटे हैं।
‘वोट चोरी’ के दावों को लेकर प्रदर्शन
NSUI कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रही चिंताओं का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी नारे लगाए। NSUI ने चुनाव से जुड़े फैसलों और प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा की मांग की।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। NSUI नेताओं ने कहा कि मतदाताओं के अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और चुनाव से जुड़े किसी भी सवाल का समय पर तथा स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए।
NSUI की ओर से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया गया। संगठन ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी फैसलों से संबंधित चिंताओं को उचित प्रक्रिया के तहत देखा जाना चाहिए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका
प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन और नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर अपनी मांगें दोहराईं और संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की।
केंद्र सरकार पर भी लगाए आरोप
NSUI नेता आदिकर्ता माकन तंवर ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। यह NSUI नेता का आरोप है; रिपोर्ट में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख नहीं है।
तंवर ने कहा कि संगठन चुनावी पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाता रहेगा। उन्होंने मतदाताओं के अधिकारों को लोकतंत्र का बुनियादी हिस्सा बताते हुए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब की मांग की।
चुनावी पारदर्शिता पर NSUI का जोर
प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और उससे जुड़े फैसलों को लेकर उठने वाले सवालों पर पारदर्शी तरीके से जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
संगठन ने चुनावी व्यवस्था में जवाबदेही और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनाव से जुड़े किसी भी विवाद या चिंता का समाधान संस्थागत और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।
आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात
NSUI ने संकेत दिया कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को वह आगे भी उठाता रहेगा। संगठन की ओर से मतदाता अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता को लेकर अभियान जारी रखने की बात कही गई।
सिरसा में हुए इस प्रदर्शन के दौरान ‘वोट चोरी’ के दावों, मतदाता सूची में कथित विसंगतियों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर NSUI ने अपनी मांगें सामने रखीं। वहीं, इन दावों पर संबंधित चुनावी संस्थाओं का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
