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लुधियाना में ₹65 करोड़ का CBG प्लांट, रोजाना 300 टन गोबर का होगा वैज्ञानिक प्रसंस्करण; बुड्ढा नाला होगा साफ

14 अगस्त 2026 : बुड्ढा नाला में कचरा और अनुपचारित अपशिष्ट जाने से रोकने की दिशा में पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को लुधियाना के हैबोवाल में ₹65 करोड़ की लागत से बनने वाले कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) प्लांट की आधारशिला रखी। यह परियोजना बुड्ढा नाला में प्रदूषण और सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या को कम करने में मदद करेगी।

इस प्लांट में हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स से रोजाना पैदा होने वाले करीब 300 टन पशु गोबर का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाएगा। परियोजना को 2.5 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा और इसके सितंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।

यह परियोजना ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मिशन के तहत विकसित की जा रही है। इससे क्षेत्र के करीब 435 डेयरी मालिकों को आय के नए अवसर मिलेंगे। प्लांट से प्रतिदिन लगभग 5 टन CBG और जैविक बायो-फर्टिलाइजर का उत्पादन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर परियोजना की जानकारी साझा करते हुए कहा कि ₹65 करोड़ की लागत वाले CBG प्लांट की आधारशिला रखी गई है, जो सितंबर 2027 तक तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्लांट रोजाना 300 टन पशु गोबर का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से गोबर और अन्य कचरे को बुड्ढा नाला में जाने से रोका जा सकेगा। इससे सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या को कम करने के साथ-साथ जल प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि परियोजना से 435 डेयरी मालिकों को सीधे लाभ होगा।

आधारशिला रखने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि हैबोवाल में CBG प्लांट की आधारशिला रखना बुड्ढा दरिया पुनर्जीवन कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस परियोजना को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए HPCL (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के अधिकारियों का धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस परियोजना के लिए 2.5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स से रोजाना निकलने वाले करीब 300 टन पशु गोबर का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से अनुपचारित गोबर और कचरे को बुड्ढा नाला में जाने से रोका जाएगा। इससे जल प्रदूषण कम होगा और डेयरी कॉम्प्लेक्स के आसपास सफाई व्यवस्था में भी सुधार आएगा।

435 डेयरी मालिकों को मिलेगा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से करीब 435 डेयरी मालिक सीधे लाभान्वित होंगे। पशु गोबर का वैज्ञानिक उपयोग करके डेयरी किसानों के लिए आय के नए स्रोत तैयार होंगे। यह ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ की अवधारणा को बढ़ावा देगा।

प्लांट में तैयार होने वाला जैविक बायो-फर्टिलाइजर रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।

प्लांट से रोजाना करीब 5 टन कंप्रेस्ड बायो-गैस का उत्पादन होगा। इसके साथ ही युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य को अधिक हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल गैस प्लांट नहीं है, बल्कि पंजाब को प्रदूषण मुक्त, हरित और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

पंजाब में लगाए जाएंगे ऐसे और प्लांट

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रदूषण को कम करने के लिए आने वाले समय में ऐसे और प्लांट लगाए जाएंगे।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे राज्य के जल स्रोतों में अनुपचारित पानी न डालें, ताकि पानी की शुद्धता को बनाए रखा जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।

मुख्यमंत्री ने राज्य में पानी की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पंजाब का पानी अब पीने योग्य नहीं रह गया है और राज्य के अधिकांश क्षेत्र डार्क जोन की ओर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब राज्य में सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी इस्तेमाल किया जाता था, जबकि अब यह आंकड़ा 88 प्रतिशत से अधिक हो गया है।

किसानों तक नहरी पानी पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने किसानों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए करीब 14,000 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई है। उन्होंने इसकी तुलना कनाडा से बाघापुराना की दूरी से करते हुए कहा कि यह एक बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक अतिरिक्त 7,000 किलोमीटर पाइप बिछाए जाएंगे। पंजाब के विभिन्न हिस्सों में पाइप और वाटरकोर्स बिछाकर किसानों की सिंचाई संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं, जिससे भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि 21 लाख क्यूसेक पानी रिचार्ज किया गया है, जिससे जल स्तर में दो से चार मीटर तक सुधार हुआ है।

43 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में 43 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण के साथ ठेकेदारों को उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जा रही है।

युवाओं को 69 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां

रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब के युवाओं को 69 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने दावा किया कि ये नियुक्तियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर की गई हैं और इनमें किसी तरह की सिफारिश या भ्रष्टाचार नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निकली पार्टी है और आम लोगों को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम कर रही है और राजनीतिक बदले की भावना में विश्वास नहीं रखती।

90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को भी दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य के खजाने का पैसा जनता का है और सरकार उसे जनता के कल्याण के लिए खर्च कर रही है। उनके अनुसार लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से वापस जनता तक पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग सरकार की विभिन्न पहलों को लेकर समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने लुधियाना को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि वह पहली बार वर्ष 1992 में लुधियाना आए थे।

मावां-धीयां सत्कार योजना का जिक्र

मुख्यमंत्री ने मावां-धीयां सत्कार योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पंजाब की 18 वर्ष से अधिक उम्र की सभी महिलाएं लाभ की पात्र हैं।

उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह, जबकि पंजाब की प्रत्येक पात्र महिला को ₹1,000 प्रति माह दिए जा रहे हैं। सरकार ने एक करोड़ से अधिक महिलाओं को योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा है और मुख्यमंत्री के अनुसार 72.13 लाख लाभार्थी योजना का लाभ ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सेहत योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को ₹10 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इसे देश में अपनी तरह की व्यापक स्वास्थ्य कवरेज वाली योजना बताते हुए कहा कि इससे लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम हुआ है। उनके अनुसार, अब तक लोग ₹937 करोड़ से अधिक का मुफ्त इलाज करा चुके हैं।

2027 में फिर सरकार बनाने का दावा

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी 2027 में फिर पंजाब में सरकार बनाएगी। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ऐसी परियोजनाओं की केवल योजनाएं बनाई जाती थीं, लेकिन विकास के लिए मिलने वाले पैसे का दुरुपयोग किया जाता था।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार जनता के पैसे का इस्तेमाल विकास और जनकल्याण के लिए कर रही है।

इससे पहले कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का स्वागत करते हुए परियोजना के लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हैबोवाल CBG प्लांट डेयरी कॉम्प्लेक्स से निकलने वाले पशु गोबर का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण करेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ बुड्ढा दरिया के पुनर्जीवन में योगदान देगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरदीप सिंह मुंडियां, राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

₹65 करोड़ का CBG प्लांट रोजाना 300 टन गोबर करेगा प्रोसेस

₹65 करोड़ की लागत से बनने वाला यह CBG प्लांट पंजाब सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 2.5 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। प्लांट में हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स से रोजाना करीब 300 टन पशु गोबर का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाएगा।

सितंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद वाले इस प्लांट से रोजाना करीब 5 टन CBG और जैविक बायो-फर्टिलाइजर का उत्पादन होगा। इससे अनुपचारित गोबर और कचरे को बुड्ढा नाला में जाने से रोका जा सकेगा, जल प्रदूषण कम होगा और डेयरी कॉम्प्लेक्स के आसपास स्वच्छता में सुधार आएगा।

यह परियोजना करीब 435 डेयरी मालिकों को सीधे लाभ पहुंचाएगी और पशु गोबर के वैज्ञानिक उपयोग के जरिए आय के नए अवसर पैदा करेगी। इसके अलावा क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा हरित निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

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