11 अगस्त, 2026 : हाईकोर्ट ने PMLA (Prevention of Money Laundering Act) से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि कानून के तहत आरोपी महिला को जमानत के लिए लागू ‘ट्विन कंडीशन’ से छूट मिल सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसे अपने आप जमानत का अधिकार मिल जाता है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि महिला होने के आधार पर PMLA की सख्त जमानत शर्तों में राहत मिलने के बावजूद जमानत याचिका पर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर अलग से विचार किया जाना जरूरी है।
क्या हैं PMLA की ‘ट्विन कंडीशन’?
PMLA की धारा 45 के तहत जमानत के लिए दो महत्वपूर्ण शर्तें लागू होती हैं। आरोपी को अदालत को यह संतुष्ट करना होता है कि उसके खिलाफ अपराध करने के पर्याप्त आधार नहीं हैं और वह जमानत पर रहते हुए दोबारा अपराध नहीं करेगा।
महिला आरोपी को मिल सकती है वैधानिक छूट
अदालत ने माना कि कानून में निर्धारित परिस्थितियों में महिला आरोपी को इन कठोर शर्तों से छूट दी जा सकती है। हालांकि, यह छूट जमानत की स्वत: मंजूरी नहीं है।
जमानत पर अलग से होगा विचार
हाईकोर्ट ने कहा कि छूट मिलने के बाद भी अदालत को मामले की गंभीरता, आरोपी की भूमिका, जांच की स्थिति और अन्य प्रासंगिक तथ्यों पर विचार करना होगा। इसलिए केवल ‘ट्विन कंडीशन’ से छूट मिलना अपने आप में जमानत का आधार नहीं बन सकता।
यह फैसला PMLA मामलों में महिला आरोपियों की जमानत से जुड़े कानूनी प्रावधानों को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
