12 जुलाई 2026 : अयोध्या से जुड़े विवाद और विरासत की बहस के बीच उत्तर प्रदेश के एक मंत्री ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के बाबर संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंत्री ने कहा कि इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े मुद्दों पर तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए, न कि राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर।
यूपी मंत्री ने आदित्य ठाकरे के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इसके इतिहास तथा विरासत को राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान समाज में अनावश्यक विवाद पैदा कर सकते हैं।
मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दलों का रुख समय-समय पर क्यों बदलता है। उनके अनुसार, विरासत के संरक्षण और सम्मान को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।
वहीं, आदित्य ठाकरे के बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेता इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि, इस विषय पर अंतिम निर्णय और ऐतिहासिक तथ्यों का मूल्यांकन संबंधित संस्थाओं और विशेषज्ञों के दायरे में आता है।
फिलहाल, अयोध्या और विरासत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है।
