12 जुलाई 2026 : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को कथित रूप से फंसाने की साजिश के आरोपों का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका में दावा किया गया है कि तीन अज्ञात व्यक्तियों ने कथित तौर पर लाखों रुपये का लालच देकर उनके खिलाफ साजिश रचने की कोशिश की।
याचिकाकर्ता ने अदालत से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पूरे घटनाक्रम की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसका उद्देश्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की छवि को नुकसान पहुंचाना था।
हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई स्वीकार करते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अदालत मामले में प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
फिलहाल, आरोपों की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है और मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी है। भारतीय कानून के अनुसार, जब तक जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।
मामले को लेकर धार्मिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई और संभावित जांच पर टिकी हैं।
