सातारा 25 जुलाई 2026 : नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की गूंज अब जिला और तहसील स्तर तक पहुंच गई है। छात्र आंदोलन को विभिन्न संगठनों का समर्थन मिल रहा है, लेकिन भाजपा नेताओं की गैरमौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज और सांसद उदयनराजे भोसले की चुप्पी को लेकर छात्रों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
नीट पेपर लीक पर उदयनराजे की चुप्पी
चुनावी सभाओं में बड़े-बड़े वादे करने वाले सांसद उदयनराजे भोसले ने अब तक नीट पेपर लीक मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सातारा में छात्रों और सामाजिक संगठनों द्वारा किए जा रहे आंदोलनों का भी उन्होंने संज्ञान नहीं लिया। इतना ही नहीं, भाजपा का कोई बड़ा नेता या पदाधिकारी भी प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने नहीं पहुंचा।
छात्रों ने उठाए सवाल
कराड और सातारा के वकीलों ने न्यायालय का कामकाज बंद रखकर आंदोलन का समर्थन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके बाद छात्रों ने भी प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। छात्रों का कहना है कि चुनाव के समय शिक्षा और युवाओं की समस्याओं को प्राथमिकता देने का वादा करने वाले नेता अब खामोश क्यों हैं? दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी उदयनराजे भोसले ने निंदा नहीं की, जिससे छात्रों में नाराज़गी और बढ़ गई है।
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