5 मई 2026 : लुधियाना के मशहूर एथिकल हैकर त्रिशनीत अरोड़ा से 38 करोड़ रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने साइबर सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठगों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने खुद को भरोसेमंद कारोबारी या निवेश से जुड़े व्यक्ति बताकर संपर्क किया और धीरे-धीरे विश्वास जीत लिया।
इसके बाद उन्होंने बड़ी रकम निवेश या ट्रांजैक्शन के नाम पर ट्रांसफर करवा ली। जब तक इस धोखाधड़ी का पता चला, तब तक करोड़ों रुपये की रकम निकल चुकी थी।
इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और साइबर क्राइम विभाग सक्रिय हो गया है। अधिकारियों ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला दिखाता है कि साइबर अपराधी कितने शातिर और तकनीकी रूप से सक्षम हो चुके हैं। वे बड़े-बड़े लोगों को भी अपने जाल में फंसा सकते हैं।
त्रिशनीत अरोड़ा खुद साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा नाम माने जाते हैं, ऐसे में उनके साथ इस तरह की घटना होना और भी चौंकाने वाला है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस ठगी में कितने लोग शामिल हैं और क्या यह किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हुआ मामला है।
इस घटना के बाद साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता की जरूरत एक बार फिर महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े ट्रांजैक्शन से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है।
फिलहाल, पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह मामला यह दर्शाता है कि डिजिटल युग में सतर्कता कितनी जरूरी है और थोड़ी सी लापरवाही भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है।
