19 जुलाई 2026 : गुजरात के अहमदाबाद में एक चाय बेचने वाले के लिए 20 रुपये का एक छोटा सा डिजिटल लेनदेन गले की फांस बन गया है। अहमदाबाद के मिर्जापुर इलाके में ‘अल-सफर पान एंड टी कॉर्नर’ चलाने वाले सुल्तान अहमद शेख का पूरा बैंक खाता केवल इसलिए फ्रीज कर दिया गया क्योंकि उनके खाते में यूपीआई (UPI) के जरिए 20 रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल को एक ग्राहक ने सुल्तान अहमद को चाय के लिए 20 रुपये का यूपीआई भुगतान किया था। बाद में जांच में यह सामने आया कि यह राशि उस धन श्रृंखला (money trail) का हिस्सा थी, जिसकी जांच तेलंगाना की साइबराबाद साइबर अपराध पुलिस एक धोखाधड़ी के मामले में कर रही है। इसके बाद जांच एजेंसी के निर्देश पर एचडीएफसी (HDFC) बैंक ने सुल्तान का पूरा खाता ही फ्रीज कर दिया।
आरोपी न होने के बावजूद झेलनी पड़ रही मार
हैरानी की बात यह है कि सुल्तान अहमद इस साइबर धोखाधड़ी के मामले में न तो आरोपी हैं और न ही संदिग्ध। इसके बावजूद खाता फ्रीज होने के कारण वह अपने ही जमा पैसों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। बैंक अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब खाता बहाल नहीं हुआ, तो उन्होंने गुजरात उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सुल्तान के वकीलों ने अदालत को बताया कि यह 20 रुपये का लेनदेन सामान्य व्यापारिक प्रक्रिया का हिस्सा था और इसका धोखाधड़ी से कोई संबंध नहीं है। खाता फ्रीज होने से सुल्तान को अपनी ईएमआई (EMI) चुकाने और दैनिक खर्चों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
इस मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस निखिल करियल ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति किसी आपराधिक मामले में आरोपी नहीं होता है, तो अधिकारियों को आमतौर पर पूरे बैंक खाते के बजाय केवल विवादित राशि (इस मामले में 20 रुपये) को ही फ्रीज करना चाहिए। अदालत ने राज्य सरकार को इस मामले में आवश्यक निर्देश प्राप्त करने का आदेश दिया है और मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को तय की है।
