8 जुलाई 2026 क्लाइमेट जस्टिस प्रोटेस्ट (CJP) के 19वें दिन सामाजिक कार्यकर्ता और नवाचार विशेषज्ञ सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन 11वें दिन में प्रवेश कर गया। उनके समर्थकों के अनुसार, लगातार उपवास के कारण उनका वजन 7 किलोग्राम से अधिक कम हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद सहयोगियों का कहना है कि चिकित्सकों की एक टीम नियमित रूप से सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। डॉक्टर समय-समय पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दे रहे हैं। हालांकि, समर्थकों का कहना है कि वांगचुक ने अपनी मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, यह आंदोलन पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और हिमालयी क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आयोजित किया जा रहा है। उनका कहना है कि इन विषयों पर सरकार और संबंधित एजेंसियों को ठोस कदम उठाने चाहिए।
अनशन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से सामाजिक संगठनों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का समर्थन भी मिल रहा है। कई लोगों ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया, जबकि अन्य ने सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक उपवास रखने से शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे मामलों में नियमित चिकित्सकीय निगरानी और समय पर उपचार बेहद आवश्यक होता है। हालांकि, सोनम वांगचुक की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को लेकर आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन का इंतजार किया जा रहा है।
इस बीच, प्रदर्शनकारियों ने सरकार से वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि संवाद के जरिए ही आंदोलन से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान संभव है।
फिलहाल सभी की नजर आंदोलन के अगले चरण और सरकार की संभावित प्रतिक्रिया पर बनी हुई है। वहीं, सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में चिंता लगातार बढ़ रही है।
