7 जुलाई 2026 : Arvind Kejriwal ने E20 ईंधन (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं की आपत्तियों और चिंताओं के बावजूद E20 ईंधन को लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि कई वाहन मालिकों और उपभोक्ताओं ने E20 ईंधन के उपयोग को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि सभी वाहनों की तकनीकी अनुकूलता और उपभोक्ताओं की चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान दिए बिना इस नीति को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस विषय पर व्यापक जनसंवाद किया जाए और विशेषज्ञों, वाहन निर्माताओं तथा उपभोक्ताओं की राय को ध्यान में रखते हुए आगे का निर्णय लिया जाए।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार पहले यह कह चुकी है कि E20 ईंधन नीति का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों को एथेनॉल उत्पादन के माध्यम से लाभ पहुंचाना और प्रदूषण में कमी लाना है। सरकार का कहना है कि इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि E20 ईंधन के सफल क्रियान्वयन के लिए वाहन निर्माताओं, तेल कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच समन्वय आवश्यक है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जिन वाहनों में E20 उपयुक्त नहीं है, उनके मालिकों को पर्याप्त जानकारी और विकल्प उपलब्ध हों।
फिलहाल E20 ईंधन को लेकर राजनीतिक और तकनीकी स्तर पर बहस जारी है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आ रहे हैं।
