27 जुलाई 2026 : हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि आधुनिक कृषि को आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों को अपनाना समय की जरूरत है, लेकिन किसानों का वर्षों का अनुभव ही खेती की वास्तविक आत्मा है। उन्होंने कहा कि तकनीक और पारंपरिक ज्ञान का संतुलित मेल ही कृषि क्षेत्र को नई दिशा दे सकता है।
मंत्री ने कहा कि AI आधारित तकनीकों की मदद से फसल की निगरानी, मौसम का पूर्वानुमान, सिंचाई प्रबंधन, कीट नियंत्रण और उत्पादन बढ़ाने जैसे कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकते हैं। इससे किसानों की लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
तकनीक के साथ अनुभव भी जरूरी
श्याम सिंह राणा ने कहा कि आधुनिक उपकरण और डिजिटल तकनीकें किसानों की मदद कर सकती हैं, लेकिन खेत की मिट्टी, मौसम और फसलों की समझ केवल वर्षों के अनुभव से ही विकसित होती है। इसलिए नई तकनीक को किसानों के व्यावहारिक ज्ञान के साथ जोड़ना आवश्यक है।
युवाओं को कृषि से जोड़ने पर जोर
उन्होंने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। साथ ही युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि कृषि अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन सके।
टिकाऊ खेती की दिशा में प्रयास
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसी कृषि प्रणाली विकसित करना है, जिसमें आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और किसानों के पारंपरिक अनुभव का समन्वय हो। इससे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना किया जा सकेगा और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
