2 जुलाई 2026 : दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (DoE) ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए सभी मान्यता प्राप्त निजी गैर-सहायता प्राप्त (Unaided) स्कूलों को स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी (SLFRC) गठित करने का निर्देश दिया है। इस कदम का उद्देश्य स्कूल फीस तय करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
नई गाइडलाइन के अनुसार, प्रत्येक स्कूल को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समिति बनानी होगी। इस समिति में स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, ताकि फीस निर्धारण में सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
15 जुलाई तक समिति गठन के निर्देश
शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को 15 जुलाई तक फीस रेगुलेशन कमेटी का गठन पूरा करने को कहा है। जब तक नई फीस संरचना को मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक मौजूदा फीस संरचना लागू रहेगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से फीस बढ़ोतरी से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता आएगी और अभिभावकों की शिकायतों का बेहतर समाधान हो सकेगा। समिति फीस से जुड़े मामलों की समीक्षा करेगी और निर्धारित नियमों के अनुसार निर्णय लेगी।
अभिभावकों को मिल सकती है राहत
नई व्यवस्था का उद्देश्य मनमानी फीस वृद्धि पर अंकुश लगाना और स्कूलों में जवाबदेही बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि इससे अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच बेहतर संवाद स्थापित होगा।
