16 अप्रैल 2026 : हरियाणा के सिरसा स्थित वीटा मिल्क प्लांट को लेकर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें दूध का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है और इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार भी हो रहा है।
किसानों का आरोप है कि वे नियमित रूप से दूध की आपूर्ति कर रहे हैं, लेकिन भुगतान में लगातार देरी हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। कई किसानों ने यह भी दावा किया कि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और कुछ मामलों में रिश्वतखोरी जैसी गतिविधियां भी सामने आ रही हैं।
इस मुद्दे को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
दूसरी ओर, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डेयरी सेक्टर में पारदर्शिता और समय पर भुगतान बेहद जरूरी है, क्योंकि यह सीधे किसानों की आय और आजीविका से जुड़ा होता है।
यह मामला सामने आने के बाद डेयरी प्रबंधन और सरकारी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और जल्द ही उचित समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
कुल मिलाकर सिरसा के वीटा मिल्क प्लांट को लेकर उठे इस विवाद ने किसानों की समस्याओं और सिस्टम में सुधार की जरूरत को उजागर कर दिया है।
