8 जून 2026 : Haryana सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को नई गति देने के लिए जल्द ही नई MSME निर्यात नीति अधिसूचित करने जा रही है। इस नीति का उद्देश्य राज्य के छोटे और मध्यम उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच दिलाना, निर्यात बढ़ाना और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना है।
सरकार का मानना है कि MSME क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और रोजगार सृजन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। नई निर्यात नीति के माध्यम से स्थानीय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने तथा उनके उत्पादों को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने में सहायता दी जाएगी।
प्रस्तावित नीति के तहत निर्यातकों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बाजार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके अलावा उत्पाद गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि निर्यात को बढ़ावा मिलने से राज्य में निवेश आकर्षित होगा, उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से छोटे उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जोड़ने से उनकी आय और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि हो सकती है।
सरकार का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों, विनिर्माण इकाइयों और स्टार्टअप्स को भी निर्यात गतिविधियों से जोड़ना है। इसके लिए विभिन्न विभागों और उद्योग संगठनों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
व्यापारिक संगठनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि नई नीति राज्य के उद्योगों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। उनका मानना है कि निर्यात को प्रोत्साहन मिलने से हरियाणा के उत्पादों की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के इस दौर में MSME क्षेत्र को नीतिगत समर्थन देना आवश्यक है। इससे उद्योगों की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार होगा तथा आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
हरियाणा सरकार की यह पहल राज्य को एक प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में नीति की अधिसूचना और उसके प्रावधानों पर उद्योग जगत की नजर रहेगी।
