14 अक्टूबर 2026: हरियाणा के फतेहाबाद जिले की अदालत ने लिव-इन पार्टनर की हत्या के मामले में दोषी संदीप उर्फ बारू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में दोषी को छह महीने की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी। यह मामला जुलाई 2021 का है, जब आरोपी ने अपनी महिला साथी को नहर में धकेल दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवेंदु जैन की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। जिला अटॉर्नी देवेंद्र मित्तल के अनुसार, महिला की हत्या को लेकर 28 जुलाई 2021 को टोहाना सिटी थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।
जानकारी के अनुसार, महिला अपने पति की मृत्यु के बाद अपने दो बच्चों के साथ रहती थी। उसके एक बेटा और एक बेटी थी। महिला शारीरिक रूप से दिव्यांग भी थी। वह संदीप उर्फ बारू के साथ टोहाना में किराये के मकान में रह रही थी। दोनों करीब छह से सात महीने से साथ रह रहे थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला के बेटे ने पुलिस को बताया था कि आरोपी उसकी मां के चरित्र पर शक करता था और इसी बात को लेकर उसके साथ मारपीट भी करता था।
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, 27 जुलाई 2021 को संदीप महिला को बैंक से पेंशन की रकम निकलवाने के बहाने मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले गया था। महिला घर वापस नहीं लौटी तो उसके परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद अगले दिन महिला के बेटे ने पुलिस से संपर्क किया और अपनी मां को तलाशने में मदद मांगी।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान 28 जुलाई 2021 को महिला का शव डबवाली क्षेत्र में एक नहर से बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच की। जांच में संदीप की भूमिका सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपपत्र अदालत में पेश किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने महिला को नहर में धकेलने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, अदालत ने मामले का फैसला सुनाते समय अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का मूल्यांकन किया। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने संदीप को हत्या का दोषी ठहराया।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अदालत के आदेश के अनुसार, जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त कठोर कैद काटनी होगी। यह फैसला लगभग पांच साल पुराने मामले में आया है, जिससे पीड़ित परिवार को न्यायिक प्रक्रिया के तहत निर्णय मिला है।
इस मामले में महिला के बेटे की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। घटना के समय वह लगभग 16 वर्ष का था। मां के घर वापस नहीं लौटने पर उसने पहले उनकी तलाश की और फिर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की जांच और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर मामला अदालत तक पहुंचा और सुनवाई के बाद दोषसिद्धि हुई।
यह घटना घरेलू हिंसा और रिश्तों में शक के कारण होने वाली हिंसा के गंभीर परिणामों को भी सामने लाती है। हालांकि, हर मामले की परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन हिंसा की शिकायतों को गंभीरता से लेना और जरूरत पड़ने पर पुलिस या संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।
फतेहाबाद की अदालत के इस फैसले में आरोपी को उम्रकैद और जुर्माने की सजा दी गई है। मामला जुलाई 2021 में महिला की गुमशुदगी और बाद में नहर से शव बरामद होने के बाद शुरू हुआ था। जांच, गवाहों के बयान और अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर संदीप उर्फ बारू को हत्या का दोषी ठहराया गया।
