14 सितंबर, 2026 पंजाब के लुधियाना जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, समराला क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपने स्कूल के पुराने दोस्त को पंजाब पुलिस में भर्ती कराने का झांसा देकर कथित तौर पर 10 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने नौकरी की प्रक्रिया को असली दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज, पंजाब पुलिस का पहचान पत्र और पुलिस की वर्दी तक तैयार करवाई।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं आरोपी ने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी अपना शिकार तो नहीं बनाया।
स्कूल के समय से थी दोनों की दोस्ती
शिकायतकर्ता अमनिंदर सिंह समराला के हरियो कलां गांव का रहने वाला है। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, आरोपी गोबिंद और अमनिंदर की दोस्ती स्कूल के समय से थी। दोनों वर्ष 2013 में 10वीं कक्षा में एक साथ पढ़ते थे और इसके बाद भी उनके बीच संपर्क बना रहा।
अमनिंदर ने पुलिस को बताया कि वह 12वीं कक्षा के बाद कंप्यूटर कोर्स करने लगा था। इसके बाद वह वर्ष 2023 में दुबई चला गया, जहां करीब दो साल काम करने के बाद वर्ष 2025 में वापस लौटा।
शिकायत के अनुसार, मार्च 2025 में गोबिंद ने अमनिंदर को बताया कि वह ऐसे व्यक्ति को जानता है जो उम्मीदवारों की पंजाब पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर भर्ती करवा सकता है। इसके लिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये की मांग की गई।
नौकरी के नाम पर किस्तों में लिए 10 लाख रुपये
अमनिंदर ने बताया कि उसने परिवार से सलाह करने के बाद आरोपी के साथ नौकरी को लेकर बात तय की। शुरुआत में भर्ती से जुड़े कागजात तैयार करने के नाम पर उससे 4,000 रुपये लिए गए। इसके बाद बाकी रकम अलग-अलग किस्तों में ली गई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने पूरी रकम जुटाने के लिए अपने सोने के आभूषण तक गिरवी रख दिए। आरोपी ने उससे 10वीं और 12वीं कक्षा के प्रमाणपत्रों के अलावा एससी प्रमाणपत्र और जन्म प्रमाणपत्र भी ले लिए। इसके बदले आरोपी ने अपने हस्ताक्षर वाली एक हस्तलिखित रसीद भी दी।
फर्जी पंजाब पुलिस ID कार्ड और वर्दी दिखाई
अमनिंदर का आरोप है कि नौकरी को लेकर बार-बार पूछने पर गोबिंद अलग-अलग बहाने बनाता रहा। बाद में वर्ष 2025 में आरोपी उसके घर पहुंचा और टेप से लिपटा हुआ एक पैकेट दिया।
आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि पैकेट के अंदर पंजाब पुलिस की बेल्ट है और उसे खोलना नहीं है। इसके अलावा उसने अमनिंदर की फोटो वाला पंजाब पुलिस का एक कथित पहचान पत्र भी दिया, जिस पर स्टांप लगा हुआ था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने उसे खाकी रंग की पुलिस वर्दी भी दिखाई। उसने दावा किया कि भर्ती होने के बाद ये सभी चीजें अमनिंदर को सौंप दी जाएंगी।
पैकेट खोला तो अंदर मिली ईंट
कुछ दिन बाद जब अमनिंदर ने पैकेट खोला तो उसके होश उड़ गए। उसके अनुसार, पैकेट के अंदर पुलिस की बेल्ट के बजाय एक ईंट रखी हुई थी। साथ में भर्ती से जुड़े कुछ कागजात भी मिले।
इसके बाद अमनिंदर ने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोप है कि गोबिंद पैसे लौटाने के बजाय उसे टालता रहा। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उसे धमकियां दी गईं।
इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस कर रही फर्जी दस्तावेजों की जांच
खन्ना की एसएसपी डॉ. दर्पण अहलूवालिया के अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि फर्जी पंजाब पुलिस पहचान पत्र किसने तैयार किया, उस पर स्टांप किसने लगाया और पुलिस की वर्दी कहां से सिलवाई गई।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इस तरीके से किसी और व्यक्ति को भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे तो नहीं लिए। अगर जांच में ऐसे अन्य मामलों की जानकारी सामने आती है तो पुलिस की कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।
सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी से रहें सावधान
यह मामला एक बार फिर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर लोगों को सतर्क करता है। किसी भी भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना, विभाग की वेबसाइट और निर्धारित चयन प्रक्रिया की जानकारी जांचना जरूरी है।
किसी व्यक्ति के निजी संपर्क या पहचान के आधार पर सरकारी नौकरी लगवाने का दावा किए जाने पर बिना सत्यापन के पैसे देना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर भर्ती प्रक्रिया में फर्जी पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र या अन्य दस्तावेज दिखाकर भरोसा जीतने की कोशिश की जा सकती है।
