22 जून 2026 : अमृतसर में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) [SAD (A)] ने आयोजित योग सत्र का बहिष्कार करते हुए इसके स्थान पर ‘गतका दिवस’ मनाने का निर्णय लिया। पार्टी नेताओं और समर्थकों ने इस अवसर पर पारंपरिक सिख युद्धकला गतका के प्रदर्शन और उसके महत्व को उजागर करने वाले कार्यक्रमों का आयोजन किया।
आयोजकों का कहना है कि गतका सिख इतिहास, संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका मानना है कि इस प्राचीन मार्शल आर्ट को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने गतका के विभिन्न कौशलों का प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल आत्मरक्षा की कला नहीं, बल्कि अनुशासन, साहस और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ी परंपरा भी है।
SAD (अमृतसर) के नेताओं ने कहा कि उन्होंने अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को प्रमुखता देने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया। उनके अनुसार, सिख विरासत से जुड़े आयोजनों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी अपने इतिहास और परंपराओं से जुड़ी रहे।
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विभिन्न सरकारी और सामाजिक संगठनों द्वारा योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। योग को स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिए लाभकारी बताते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने इन कार्यक्रमों में भाग लिया।
अमृतसर में आयोजित ‘गतका दिवस’ कार्यक्रम ने स्थानीय स्तर पर चर्चा को जन्म दिया है। समर्थकों का कहना है कि यह सिख परंपराओं के संरक्षण का प्रयास है, जबकि विभिन्न वर्ग इसे सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाली पहल के रूप में देख रहे हैं।
