31 जुलाई,2026 केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ₹657 करोड़ के बैंक घोटाले की जांच में दावा किया है कि हरियाणा के एक IAS अधिकारी ने मामले के कथित मास्टरमाइंड से आर्थिक लाभ प्राप्त किया था। यह दावा जांच एजेंसी द्वारा अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर किया गया है।
CBI के अनुसार, जांच में वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का परीक्षण किया जा रहा है।
CBI ने अदालत में रखा पक्ष
जांच एजेंसी ने अदालत के समक्ष कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अधिकारी और कथित मास्टरमाइंड के बीच आर्थिक लेन-देन की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
जांच जारी
CBI ने बताया कि बैंक घोटाले से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा सकती है।
अदालत के फैसले का इंतजार
मामला फिलहाल न्यायालय के विचाराधीन है। आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत द्वारा साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद ही लिया जाएगा।
