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रोहतक की निपुण वाटिका बनी हरियाणा में सीखने का मॉडल, बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर जोर

8 अगस्त, 2026  हरियाणा के रोहतक की निपुण वाटिका बच्चों की बुनियादी शिक्षा और सीखने की क्षमता को मजबूत करने के लिए अपनाए जा रहे प्रभावी मॉडल के रूप में सामने आई है। इस पहल के जरिए छोटे बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणित की शुरुआती समझ विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

निपुण वाटिका का उद्देश्य बच्चों को उनकी उम्र और सीखने के स्तर के अनुरूप गतिविधि आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसमें खेल, रचनात्मक गतिविधियों और शिक्षण सामग्री के माध्यम से बच्चों को सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

बुनियादी शिक्षा पर विशेष ध्यान

इस मॉडल में Foundational Literacy and Numeracy (FLN) को प्राथमिकता दी जा रही है। बच्चों को अक्षर पहचान, शब्द निर्माण, संख्या ज्ञान और सरल गणितीय अवधारणाओं को गतिविधियों के माध्यम से समझाने का प्रयास किया जाता है।

शिक्षकों की भूमिका अहम

निपुण वाटिका में शिक्षकों को बच्चों की सीखने की जरूरतों के अनुसार गतिविधियां तैयार करने और उनकी प्रगति पर नजर रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे कक्षा में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलती है।

हरियाणा के लिए बना उदाहरण

शिक्षा से जुड़े अधिकारियों और विशेषज्ञों का मानना है कि रोहतक की यह पहल अन्य स्कूलों के लिए भी उपयोगी मॉडल बन सकती है। ऐसे प्रयासों से बच्चों की शुरुआती शिक्षा की नींव मजबूत करने और सीखने के परिणाम बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

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