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स्पेन का झांसा देकर थाईलैंड भेजे 2 पंजाबी, डंकरों के हवाले कर बनाया बंधक

22 अगस्त 2026 विदेश भेजने के नाम पर ठगी और मानव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि स्पेन भेजने का झांसा देकर दो पंजाबी युवकों को थाईलैंड पहुंचाया गया, जहां उन्हें कथित तौर पर डंकरों के हवाले कर बंधक बना लिया गया। पीड़ितों के परिवारों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है।

स्पेन भेजने का दिया था झांसा

बताया जा रहा है कि दोनों युवकों को विदेश में नौकरी और बेहतर भविष्य का लालच दिया गया था। एजेंटों ने उन्हें स्पेन भेजने का भरोसा दिलाया था। इसी भरोसे में युवकों और उनके परिवारों ने कथित तौर पर बड़ी रकम खर्च की।

लेकिन स्पेन भेजने के बजाय उन्हें थाईलैंड पहुंचा दिया गया। वहां पहुंचने के बाद हालात कथित तौर पर पूरी तरह बदल गए।

डंकरों के हवाले कर बनाया बंधक

परिजनों के अनुसार, थाईलैंड पहुंचने के बाद दोनों युवकों को कथित तौर पर डंकरों के हवाले कर दिया गया। आरोप है कि उन्हें एक जगह पर बंधक बनाकर रखा गया और बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

परिवारों को जब इस बारे में जानकारी मिली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ितों को वापस लाने के लिए परिवार अब प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

परिवारों ने की कार्रवाई की मांग

परिजनों ने आरोप लगाया कि विदेश भेजने वाले एजेंटों ने उनके साथ धोखा किया। उन्होंने संबंधित एजेंटों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और दोनों युवकों को सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है।

मामले में यह भी जांच का विषय है कि युवकों को भारत से थाईलैंड तक कैसे पहुंचाया गया और वहां उन्हें किन लोगों के हवाले किया गया।

विदेश जाने वालों के लिए बड़ा सबक

यह मामला विदेश में नौकरी या बसने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए भी चेतावनी है। बिना दस्तावेजों की जांच और एजेंट की विश्वसनीयता की पुष्टि किए विदेश जाने का फैसला गंभीर खतरे में डाल सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश जाने से पहले वीजा, नौकरी का ऑफर, एजेंट का लाइसेंस और संबंधित देश की कानूनी प्रक्रिया की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।

कुल मिलाकर, स्पेन भेजने के नाम पर दो पंजाबी युवकों को थाईलैंड भेजे जाने और वहां कथित तौर पर बंधक बनाए जाने के आरोपों ने विदेश भेजने वाले एजेंटों और मानव तस्करी के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पीड़ितों की सुरक्षित वापसी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

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