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चंडीगढ़ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: अवैध रूप से चल रही 915 कैब और अन्य वाहनों पर कार्रवाई, ₹91.5 लाख जुर्माना वसूला

7 अक्टूबर 2026  चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में निलंबित कैब एग्रीगेटर कंपनियों के माध्यम से चल रहे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने 9 सितंबर से अब तक नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 915 वाहनों के खिलाफ चालान या इंपाउंड करने की कार्रवाई की है। इस दौरान प्रशासन ने ₹91.5 लाख का जुर्माना वसूला है। अधिकारियों का कहना है कि निलंबित कंपनियों के मोबाइल ऐप के जरिए वाहनों का संचालन जारी रहने के कारण नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में परेशानी आ रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने केंद्र सरकार से संबंधित ऐप पर प्रतिबंध लगाने की मांग दोबारा की है।

915 वाहनों पर हुई कार्रवाई

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 812 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 103 वाहनों को इंपाउंड किया गया। इस तरह कुल 915 वाहन कार्रवाई के दायरे में आए। प्रत्येक वाहन पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया गया।

इन वाहनों में सबसे अधिक संख्या बाइक टैक्सियों की रही। कुल 569 बाइक टैक्सियों के चालान किए गए और 67 को इंपाउंड किया गया। इसके अलावा 194 टैक्सियों के चालान किए गए तथा 14 टैक्सियों को इंपाउंड किया गया। ऑटो-रिक्शा के मामले में 49 चालान किए गए और 22 वाहनों को इंपाउंड किया गया।

प्रशासन का उद्देश्य उन वाहनों के संचालन को रोकना है, जो निलंबित एग्रीगेटर कंपनियों के माध्यम से शहर में सेवाएं दे रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नियमों के उल्लंघन पर आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है।

चार प्रमुख कैब कंपनियों के लाइसेंस निलंबित

चंडीगढ़ प्रशासन ने पिछले कुछ महीनों के दौरान चार प्रमुख कैब एग्रीगेटर कंपनियों के लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किए हैं। इनमें ओला, इनड्राइव, उबर और रैपिडो शामिल हैं।

प्रशासन के अनुसार, इन कंपनियों के खिलाफ ड्राइवरों के बीमा, निर्धारित किराया नियमों के पालन और स्थानीय कार्यालयों के संचालन जैसी आवश्यकताओं से जुड़े उल्लंघनों को लेकर कार्रवाई की गई थी।

ओला का लाइसेंस 17 जून को निलंबित किया गया था, जबकि इनड्राइव के खिलाफ 10 अगस्त को कार्रवाई हुई। उबर और रैपिडो के लाइसेंस 8 सितंबर को निलंबित किए गए थे। इसके बावजूद इन प्लेटफॉर्म से जुड़े कुछ वाहन शहर में यात्रियों को सेवाएं दे रहे थे।

केंद्र सरकार से ऐप पर प्रतिबंध लगाने की मांग

चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को दोबारा पत्र लिखकर संबंधित कंपनियों के मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि केवल लाइसेंस निलंबित करने से समस्या पूरी तरह हल नहीं हो रही, क्योंकि ऐप के जरिए बुकिंग और वाहनों का संचालन जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सचिव नितीश सिंगला के अनुसार, निलंबन आदेशों के बावजूद वाहनों का संचालन रोकने के लिए ऐप पर प्रतिबंध जरूरी है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों और उनसे जुड़े वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।

यात्रियों को भी हो रही परेशानी

चार प्रमुख कैब एग्रीगेटर कंपनियों के लाइसेंस निलंबित होने के बाद चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में यात्रियों को कैब और बाइक टैक्सी की उपलब्धता में कमी का सामना करना पड़ रहा है। दैनिक यात्रा करने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों के लिए परिवहन के विकल्प सीमित हुए हैं।

कुछ यात्रियों ने अधिक किराया चुकाने और बुकिंग रद्द होने जैसी समस्याओं की शिकायत की है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी कैब किराये में बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने भी यात्रियों को हो रही परेशानी का मुद्दा प्रशासन के सामने उठाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का समाधान निकालने और लोगों को उचित किराये पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।

भारत टैक्सी बना प्रमुख विकल्प

प्रमुख निजी कैब एग्रीगेटर कंपनियों के लाइसेंस निलंबित होने के बाद सहकारी टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड की भारत टैक्सी शहर में प्रमुख कानूनी ऐप आधारित सेवा के रूप में उपलब्ध है। हालांकि, निजी प्लेटफॉर्म पर निर्भर रहने वाले यात्रियों के लिए सेवाओं की कमी और किराये से जुड़ी समस्याएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।

दूसरी ओर, कैब चालकों ने भी कार्रवाई और जुर्माने को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। उनका कहना है कि जब ऐप के जरिए बुकिंग की सुविधा उपलब्ध रहती है, तो यात्रियों और ड्राइवरों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में नियमों को लागू करने के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना भी प्रशासन के लिए चुनौती है।

आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई

चंडीगढ़ प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबित लाइसेंस वाले प्लेटफॉर्म के जरिए नियमों का उल्लंघन करके वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। चालान के साथ वाहनों को इंपाउंड करने का विकल्प भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

अब केंद्र सरकार की ओर से ऐप पर प्रतिबंध लगाने के अनुरोध पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। वहीं, शहर के यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने और कैब किराये से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकालने की आवश्यकता भी बनी हुई है।

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