5 जून 2026 : पंजाब में 9 लड़कियों के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस संवेदनशील मामले पर संज्ञान लेते हुए Punjab State Women Commission ने सुओ-मोटो नोटिस जारी किया है और संबंधित पुलिस अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
महिला आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन से अब तक की जांच, खोज अभियान और लड़कियों की बरामदगी के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। आयोग का कहना है कि महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों से लड़कियों के गायब होने की घटनाओं ने स्थानीय लोगों और परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। परिजनों ने पुलिस से जल्द कार्रवाई कर लड़कियों का पता लगाने की मांग की है। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने कई टीमें गठित कर जांच तेज कर दी है।
महिला आयोग ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी प्रकार की कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लापता लड़कियों की तलाश के लिए तकनीकी संसाधनों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों की मदद ली जा रही है। विभिन्न जिलों की पुलिस इकाइयों के बीच भी समन्वय स्थापित किया गया है ताकि जल्द से जल्द लड़कियों का पता लगाया जा सके।
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है और प्रशासन को परिवारों की चिंताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस जांच और महिला आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। आयोग द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के आधार पर आगे के कदम तय किए जाएंगे। इस बीच, राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
