22 जुलाई 2026 : अकाल तख्त की हालिया टिप्पणी के बाद पंजाब सरकार ने बेअदबी (धार्मिक ग्रंथों के अपमान) विरोधी कानून में संशोधन को लेकर कानूनी राय लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि प्रस्तावित बदलाव संविधान और मौजूदा कानूनी प्रावधानों के अनुरूप हों, इसके लिए विधि विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में कानून को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। किसी भी संशोधन से पहले उसके संवैधानिक और न्यायिक पहलुओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।
पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक ग्रंथों के अपमान से जुड़े मामलों में सख्त और प्रभावी कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय कानूनी विशेषज्ञों की राय और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
यह मुद्दा हाल के दिनों में राज्य की राजनीति और धार्मिक संगठनों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकार का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों की भावनाओं और कानून के दायरे को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
