14 सितंबर, 2026 : पंजाब में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया है। पंजाब में 2026-27 सीजन के दौरान गन्ने की खेती का कुल रकबा बढ़कर 1,16,131 हेक्टेयर हो गया है। पिछले सीजन 2025-26 में यह रकबा 1,11,818 हेक्टेयर था।
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि इस सीजन में मौसम अनुकूल रहने पर राज्य में करीब 700 लाख क्विंटल गन्ने के उत्पादन की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य गन्ने को किसानों के लिए अधिक लाभकारी फसल बनाने का है। इसके लिए खेती में मशीनीकरण, आधुनिक तकनीक और वित्तीय प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गन्ने के रकबे में हुआ इजाफा
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में गन्ने की खेती का क्षेत्र पिछले साल की तुलना में बढ़ा है। 2025-26 में जहां गन्ने का रकबा 1,11,818 हेक्टेयर था, वहीं 2026-27 सीजन में यह बढ़कर 1,16,131 हेक्टेयर हो गया।
कुल रकबे में अलग-अलग प्रकार की फसलें शामिल हैं। इनमें 47,295 हेक्टेयर में रैटून फसल, 51,174 हेक्टेयर में स्प्रिंग क्रॉप और 17,662 हेक्टेयर में ऑटम क्रॉप शामिल है।
700 लाख क्विंटल उत्पादन का लक्ष्य
राज्य सरकार ने मौजूदा सीजन में करीब 700 लाख क्विंटल गन्ना उत्पादन का लक्ष्य रखा है। हालांकि वास्तविक उत्पादन मौसम की स्थिति पर भी निर्भर करेगा।
सरकार का प्रयास है कि बेहतर कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर प्रति एकड़ उत्पादकता में सुधार किया जाए। इसके लिए किसानों को खेत स्तर पर आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी देने की योजना पर काम किया जा रहा है।
किसानों को मिलेगा ₹3,200 प्रति एकड़ प्रोत्साहन
2026-27 सीजन के लिए सरकार ने अनुशंसित खेती तकनीकों को प्रदर्शित करने वाले डेमो प्लॉट तैयार करने वाले किसानों के लिए ₹3,200 प्रति एकड़ प्रोत्साहन देने की योजना शुरू की है।
यह योजना पंजाब के 12 जिलों में लागू की जाएगी। इनमें अमृतसर, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, एसएएस नगर, पटियाला, फाजिल्का, फरीदकोट और कपूरथला शामिल हैं।
आधुनिक तकनीकों पर रहेगा जोर
डेमो प्लॉट के माध्यम से किसानों को गन्ने की खेती की आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इनमें वाइड-रो स्पेसिंग, ट्रेंच प्लांटिंग, इंटरक्रॉपिंग, मल्चिंग और वैज्ञानिक रैटून प्रबंधन जैसी तकनीकें शामिल हैं।
इन तकनीकों का उद्देश्य फसल की पैदावार बढ़ाने के साथ-साथ खेती में लगने वाली लागत को नियंत्रित करना है। सरकार चाहती है कि किसान वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर गन्ने की खेती को ज्यादा लाभकारी बना सकें।
कृषि मशीनरी पर 40 फीसदी सब्सिडी
गन्ने की खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से जरूरी कृषि उपकरणों पर 40 फीसदी सब्सिडी भी दी जा रही है।
इसमें गन्ना हार्वेस्टर, छोटे ट्रैक्टर, केन प्लांटर और रैटून मैनेजर जैसे उपकरण शामिल हैं। मशीनों के इस्तेमाल से खेती के काम में समय और श्रम की जरूरत कम करने के साथ उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
गन्ने की खेती को लाभकारी बनाने पर जोर
पंजाब सरकार का कहना है कि गन्ने को राज्य में किसानों के लिए अधिक लाभकारी फसल बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। इसमें आधुनिक खेती तकनीक, मशीनरी, प्रशिक्षण और वित्तीय प्रोत्साहन जैसे उपाय शामिल हैं।
रकबे में बढ़ोतरी को राज्य में गन्ने की खेती के प्रति किसानों की रुचि बढ़ने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले समय में बेहतर तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन के जरिए उत्पादन क्षमता को और बढ़ाने पर जोर रहेगा।
किसानों के लिए तकनीक और प्रोत्साहन का मेल
गन्ने की खेती में नई तकनीकों को अपनाने के साथ किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन देना सरकार की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। डेमो प्लॉट के जरिए दूसरे किसान भी आधुनिक तकनीकों को देखकर उन्हें अपने खेतों में अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
सरकार की कोशिश है कि खेती की लागत कम हो, उत्पादन बढ़े और किसानों को फसल से बेहतर आर्थिक लाभ मिल सके।
