21 जुलाई 2026 : पंजाब में खराब होती सफाई व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और अन्य शहरी स्थानीय निकायों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने मौजूदा हालात को “चिंताजनक” (Alarming) बताते हुए स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य के कई शहरों में कचरा प्रबंधन, सफाई, सीवरेज और सार्वजनिक स्वच्छता से जुड़ी गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना स्थानीय निकायों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
हाईकोर्ट ने सभी शहरी निकायों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, ठोस कचरा प्रबंधन, सीवरेज सिस्टम, डंपिंग साइटों और स्वच्छता अभियान से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर अदालत में प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी बताने को कहा गया है कि स्थिति सुधारने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और आगे की क्या कार्ययोजना है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई में सभी नगर निकायों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों की समीक्षा की जाएगी।
इस मामले को पंजाब में शहरी स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य के नगर निकायों पर सफाई व्यवस्था में सुधार और प्रभावी कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है।
