5 अक्टूबर 2026 पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘मावां-धियां सतकार योजना’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की हर मां और बहन इस योजना की ब्रांड एंबेसडर है। उन्होंने योजना को महिलाओं के सम्मान, आत्मसम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाली पहल बताया।
75 लाख से ज्यादा महिलाओं का पंजीकरण
मुख्यमंत्री के मुताबिक, मावां-धियां सतकार योजना के तहत अब तक 75 लाख से अधिक महिलाएं पंजीकृत हो चुकी हैं। सरकार के अनुसार, योजना के तहत अब तक करीब 3,824 करोड़ रुपये की सम्मान राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।
सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देकर उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करना और उन्हें अपने खर्चों को लेकर अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।
महिलाओं को हर महीने मिलती है आर्थिक सहायता
मावां-धियां सतकार योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह, जबकि पात्र अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाती है।
राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने के कारण लाभार्थियों को भुगतान प्राप्त करने के लिए किसी बिचौलिए पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
CM मान ने महिला लाभार्थियों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर योजना की लाभार्थी गुरमेल कौर उर्फ मेलो, निवासी गांव आदमपुरा, सहित अन्य महिलाओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने योजना से जुड़ी महिलाओं से बातचीत की और इसके प्रभाव के बारे में जानकारी ली।
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना से जुड़ी महिलाएं ही इसकी सबसे बड़ी पहचान हैं। उनके अनुसार, लाभार्थियों की भागीदारी और अनुभव योजना को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
‘महिलाएं ही योजना की ब्रांड एंबेसडर’
CM मान ने कहा कि पंजाब की हर मां और बहन इस योजना की ब्रांड एंबेसडर है। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान और वित्तीय आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए एक सामाजिक बदलाव की पहल बताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ-साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार भी मिले। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने से उन्हें अपने परिवार और व्यक्तिगत जरूरतों से जुड़े फैसलों में अधिक स्वतंत्रता मिल सकती है।
97 फीसदी महिलाओं तक पहुंचने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 97 फीसदी महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होने की उम्मीद है। सरकार ने इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर करने की व्यवस्था की गई है।
इस प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र महिलाओं तक सहायता राशि बिना किसी मध्यस्थ के पहुंचे।
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर
पंजाब सरकार का कहना है कि मावां-धियां सतकार योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिलाओं की वित्तीय आत्मनिर्भरता और सम्मान को मजबूत करना भी है।
सरकार के अनुसार, नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक खर्चों में अपनी भूमिका को मजबूत कर सकती हैं। इससे महिलाओं के आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पात्र महिलाओं से पंजीकरण कराने की अपील
मुख्यमंत्री ने पात्र महिलाओं से योजना के तहत पंजीकरण कराने की अपील भी की है। सरकार का कहना है कि जो महिलाएं योजना की पात्रता पूरी करती हैं, उन्हें इसका लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण करवाना चाहिए।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मावां-धियां सतकार योजना को महिलाओं के सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए कहा है कि पंजाब की हर मां और बहन इस योजना की ब्रांड एंबेसडर है। सरकार के मुताबिक, 75 लाख से अधिक महिलाएं योजना में पंजीकृत हो चुकी हैं और हजारों करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है।
