7 अगस्त, 2026 : पंजाब के विधायकों ने राज्य के स्कूल पाठ्यक्रम को समयानुकूल, व्यावहारिक और विद्यार्थियों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने का संकल्प लिया है। इस दिशा में शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर दिया गया।
चर्चा के दौरान विधायकों ने कहा कि बदलते समय के साथ पाठ्यक्रम में ऐसे विषयों को शामिल करने की आवश्यकता है, जो विद्यार्थियों में कौशल विकास, आलोचनात्मक सोच, डिजिटल साक्षरता और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा दें।
आधुनिक शिक्षा पर जोर
विधायकों का मानना है कि नई शिक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इसके लिए विशेषज्ञों और शिक्षाविदों से भी सुझाव लिए जाएंगे।
कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा
चर्चा में यह भी सुझाव दिया गया कि स्कूल शिक्षा में तकनीकी, व्यावसायिक और जीवन कौशल आधारित विषयों को अधिक महत्व दिया जाए, ताकि विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।
शिक्षा सुधार की दिशा में पहल
राज्य सरकार का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। पाठ्यक्रम को अधिक प्रासंगिक बनाने के लिए आवश्यक सुझावों और सिफारिशों पर विचार किया जाएगा।
