27 जून 2026 : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में डायवर्ट किए गए फार्मास्युटिकल कफ सिरप का इस्तेमाल एक नई और गंभीर चुनौती के रूप में सामने आ रहा है। रिपोर्ट में इसे नशे के खिलाफ लड़ाई में “खतरनाक दूसरी लहर” बताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में बड़ी मात्रा में फार्मास्युटिकल कफ सिरप की बरामदगी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ दवाओं का अवैध इस्तेमाल नशीले पदार्थों के विकल्प के रूप में किया जा रहा है, जिससे राज्य में नशे की समस्या का स्वरूप बदल रहा है।
कफ सिरप की रिकॉर्ड बरामदगी
NCB रिपोर्ट में बताया गया कि पंजाब में करीब 8 लाख बोतलों की फार्मास्युटिकल कफ सिरप जब्ती सामने आई, जो इस समस्या की गंभीरता को दिखाती है। रिपोर्ट ने इसे राज्य में बढ़ते फार्मास्युटिकल ड्रग दुरुपयोग से जोड़ते हुए चिंता जताई है।
अधिकारियों के अनुसार, दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला से कुछ उत्पादों के गलत तरीके से बाहर निकलने और उनके दुरुपयोग की जांच की जा रही है।
पंजाब में ड्रग तस्करी की चुनौती
NCB की रिपोर्ट में पंजाब को देश में ड्रग तस्करी से प्रभावित प्रमुख राज्यों में बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में देश में जब्त हुई हेरोइन की बड़ी हिस्सेदारी पंजाब से जुड़ी रही और भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में भी राज्य की हिस्सेदारी काफी अधिक रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब चुनौती केवल पारंपरिक नशीले पदार्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना भी जरूरी हो गया है।
फार्मा सप्लाई सिस्टम पर निगरानी की जरूरत
रिपोर्ट के बाद दवा वितरण प्रणाली, मेडिकल स्टोर्स और सप्लाई चेन की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है ताकि दवाओं का गलत इस्तेमाल रोका जा सके।
सरकार और एजेंसियों के लिए नई चुनौती
पंजाब लंबे समय से नशे की समस्या से जूझता रहा है। अब फार्मास्युटिकल ओपिओइड और अन्य दवाओं के दुरुपयोग का बढ़ना प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है।
NCB और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस बदलते ट्रेंड पर नजर रख रही हैं और नशे के नेटवर्क को रोकने के लिए कार्रवाई कर रही हैं।
