9 अक्टूबर 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने और उद्योगों को कुशल कर्मचारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘हुनर पंजाब’ पोर्टल लॉन्च किया है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों, कौशल विकास केंद्रों और प्रशिक्षित युवाओं को एक साथ जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से कंपनियों को अपनी जरूरत के अनुसार कर्मचारी ढूंढने में मदद मिलेगी और युवाओं को पंजाब में ही रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।
उद्योगों और युवाओं के बीच की दूरी होगी कम
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा के साथ इस पोर्टल की शुरुआत की। इसका मुख्य उद्देश्य उद्योगों की जरूरत और युवाओं के कौशल के बीच मौजूद अंतर को कम करना है। कई बार कंपनियों को अपनी जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं मिल पाते, जबकि दूसरी ओर युवाओं को अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी की जानकारी और अवसर तलाशने में परेशानी होती है।
हुनर पंजाब पोर्टल के जरिए उद्योग संबंधित प्रशिक्षण संस्थानों की जानकारी हासिल कर सकेंगे और उपलब्ध विद्यार्थियों के कौशल का आकलन कर सकेंगे। कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार कर्मचारियों की मांग भी इस प्लेटफॉर्म पर साझा कर सकेंगी।
1,750 से अधिक संस्थान पोर्टल से जुड़े
सरकार के अनुसार, पोर्टल पर करीब 1,750 शैक्षणिक और कौशल विकास संस्थान पंजीकृत हो चुके हैं। इन संस्थानों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, औद्योगिक अनुभव और नौकरी से जुड़ी गतिविधियों के अवसर मिल सकेंगे।
पोर्टल पर संस्थानों की जानकारी उपलब्ध होने से कंपनियों के लिए यह समझना आसान होगा कि किस संस्थान में किस तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और वहां किस प्रकार के कौशल वाले विद्यार्थी उपलब्ध हैं। इससे उद्योगों को अपनी जरूरत के हिसाब से प्रतिभाओं की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
भर्ती और प्रशिक्षण के लिए मिलेंगे अलग-अलग मॉड्यूल
हुनर पंजाब पोर्टल में संस्थानों की जानकारी, भर्ती और प्लेसमेंट, इंटर्नशिप एवं औद्योगिक प्रशिक्षण तथा उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग जैसे प्रमुख मॉड्यूल शामिल किए गए हैं।
इनके जरिए कंपनियां विद्यार्थियों और प्रशिक्षण संस्थानों से सीधे संपर्क कर सकेंगी। संस्थान भी उद्योगों की जरूरतों को समझकर अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य उद्योगों और संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना है, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल मिल सकें।
स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पंजाब के युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। पोर्टल के माध्यम से स्थानीय कुशल युवाओं को औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
इस पहल से युवाओं को अपनी योग्यता और प्रशिक्षण के अनुरूप अवसर तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि कितनी कंपनियां पोर्टल पर अपनी भर्ती संबंधी जरूरतें साझा करती हैं और कितने उम्मीदवार इसका सक्रिय रूप से इस्तेमाल करते हैं।
निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए अन्य पोर्टल भी लॉन्च
हुनर पंजाब के साथ मुख्यमंत्री ने फास्ट-ट्रैक पंजाब और BDP इंसेंटिव पोर्टल की भी शुरुआत की। फास्ट-ट्रैक पंजाब का उद्देश्य उद्योगों और निवेशकों के लिए सरकारी मंजूरियों की प्रक्रिया को आसान बनाना है। सरकार के अनुसार, इस पोर्टल के जरिए आवश्यक मंजूरियां आवेदन के 45 दिनों के भीतर देने की व्यवस्था की जाएगी।
वहीं, BDP इंसेंटिव पोर्टल उद्योगों को औद्योगिक विकास नीति के तहत मिलने वाली वित्तीय प्रोत्साहन राशि की जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा। कंपनियां इसके माध्यम से अपनी पात्रता, इस्तेमाल किए गए प्रोत्साहनों और बाकी उपलब्ध राशि को देख सकेंगी। इसे उद्योगों के लिए एक डिजिटल पासबुक की तरह तैयार किया गया है।
पंजाब में निवेश और रोजगार पर सरकार का दावा
उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा के अनुसार, पंजाब में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान करीब 1.89 लाख करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित हुए हैं और लगभग 2,600 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष करीब 60,000 करोड़ रुपये के निवेश के जमीन पर उतरने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2022 से अब तक राज्य में लगभग 1.90 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है और इससे 6.31 लाख रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। ये आंकड़े राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं।
युवाओं के लिए क्या मायने रखता है यह पोर्टल?
हुनर पंजाब पोर्टल युवाओं, प्रशिक्षण संस्थानों और कंपनियों के बीच संपर्क का एक साझा माध्यम बन सकता है। इससे नौकरी की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, इंटर्नशिप के अवसर बढ़ाने और उद्योगों को उपयुक्त कर्मचारी तलाशने में सहायता मिल सकती है।
पोर्टल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि उद्योग, संस्थान और युवा कितनी सक्रियता से इसका इस्तेमाल करते हैं और इसके जरिए कितने प्रशिक्षण तथा भर्ती के अवसर वास्तव में उपलब्ध होते हैं।
