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डोपिंग बैन हटने के बाद जुडो खिलाड़ी हरदीप सिंह बराड़ की वापसी, अब 2028 ओलंपिक पर नजर

9 अक्टूबर 2026: पंजाब के जुडो खिलाड़ी हरदीप सिंह बराड़ के लिए खेल में वापसी की राह खुल गई है। उनका डोपिंग प्रतिबंध हाल ही में जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (JFI) ने हटा दिया है। अब हरदीप की नजर 2028 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों में जगह बनाने पर है। हाल ही में आयोजित सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपनी वापसी का संकेत दिया है।

बठिंडा के किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे

हरदीप सिंह बराड़ बठिंडा के एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह पिछले करीब एक दशक से गुरदासपुर स्थित शहीद भगत सिंह जूडो ट्रेनिंग सेंटर में अभ्यास कर रहे हैं। यहां वह पंजाब खेल विभाग के सेवानिवृत्त वरिष्ठ कोच देव सिंह धालीवाल के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते रहे हैं।

हरदीप ने अपने खेल करियर के दौरान एशियाई खेलों, एशियाई चैंपियनशिप, एशियन कैडेट चैंपियनशिप और FISU वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले इस खिलाड़ी को इस वर्ष महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

2023 में डोपिंग प्रतिबंध से लगा था झटका

हरदीप के करियर में वर्ष 2023 एक बड़ा मोड़ लेकर आया, जब डोपिंग उल्लंघन के कारण उन पर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का प्रतिबंध लगा दिया गया। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) की जांच में उनके शरीर में प्रदर्शन बढ़ाने वाले प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई थी।

इस प्रतिबंध के कारण उनके खेल करियर को बड़ा झटका लगा। हालांकि, हरदीप ने अभ्यास जारी रखा और जूडो से अपना जुड़ाव बनाए रखा। उन्होंने इस मुश्किल दौर को अपने लक्ष्य से पीछे हटने की वजह नहीं बनने दिया।

बैन हटने के बाद प्रतियोगिता में वापसी

जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से प्रतिबंध हटाए जाने के बाद हरदीप अब दोबारा प्रतियोगिताओं में भाग लेने की राह पर हैं। हाल ही में हुई सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतना उनके लिए अहम उपलब्धि रही।

यह प्रदर्शन उनके लिए दोबारा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का अवसर है। अब उनका ध्यान लगातार बेहतर प्रदर्शन करने और आगामी प्रतियोगिताओं में अपनी स्थिति मजबूत बनाने पर है।

कोच को हरदीप की मेहनत पर भरोसा

हरदीप के कोच देव सिंह धालीवाल ने उनकी मेहनत और लगन की सराहना की। उन्होंने कहा कि हरदीप को युवा खिलाड़ी के रूप में देखने के बाद से ही उनकी मेहनत पर भरोसा रहा है। कोच के मुताबिक, खिलाड़ी की सफलता के लिए प्रतिभा के साथ निरंतर मेहनत और अनुशासन भी जरूरी है।

धालीवाल ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर में खिलाड़ियों और कोचों के बीच सहयोग की भावना है और सभी एक-दूसरे की सफलता के लिए काम करते हैं। हरदीप की वापसी में लंबे समय तक जारी रखा गया अभ्यास अहम भूमिका निभा रहा है।

2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर नजर

हरदीप सिंह बराड़ का अगला बड़ा लक्ष्य 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना है। हालांकि, ओलंपिक में जगह बनाने के लिए उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और चयन से जुड़े मानदंडों पर खरा उतरना होगा।

हरदीप का कहना है कि उन्होंने कठिन समय में भी उम्मीद नहीं छोड़ी। उनका मानना है कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए मेहनत, दृढ़ संकल्प और साहस जरूरी हैं। अब वह इसी सोच के साथ दोबारा मैट पर उतरने और अपने देश के लिए उपलब्धि हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं।

डोपिंग प्रतिबंध हटने और सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद हरदीप सिंह बराड़ ने अपने खेल करियर को नई दिशा दी है। बठिंडा के किसान परिवार से आने वाले इस खिलाड़ी का लक्ष्य अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में जगह बनाना है। इसके लिए उनकी अगली चुनौती आगामी प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगी।

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