18 जून 2026 : Punjab ने अपने प्रसिद्ध व्यंजन Amritsari Kulcha को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग दिलाने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य अमृतसरी कुलचे की विशिष्ट पहचान को संरक्षित करना और उसे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाना है।
अमृतसरी कुलचा पंजाब, विशेष रूप से Amritsar की पाक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। अपने खास स्वाद, पारंपरिक तैयारी की विधि और स्थानीय सामग्री के उपयोग के कारण यह व्यंजन देश-विदेश में लोकप्रिय है।
जीआई टैग मिलने से अमृतसरी कुलचे की प्रामाणिकता को कानूनी संरक्षण मिलेगा। साथ ही स्थानीय कारीगरों, रेस्तरां संचालकों और खाद्य उद्योग से जुड़े लोगों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। इससे नकली या भ्रामक नामों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जीआई टैग किसी उत्पाद की विशिष्ट भौगोलिक पहचान और गुणवत्ता को मान्यता देता है। इससे उत्पाद की ब्रांड वैल्यू बढ़ती है और स्थानीय संस्कृति तथा परंपराओं को संरक्षण मिलता है।
पंजाब के खाद्य और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि जीआई टैग मिलने से अमृतसरी कुलचे की लोकप्रियता और बढ़ेगी तथा खाद्य पर्यटन को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
यदि प्रक्रिया सफल रहती है, तो अमृतसरी कुलचा उन विशिष्ट भारतीय उत्पादों की सूची में शामिल हो जाएगा जिन्हें उनकी भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान के आधार पर विशेष मान्यता प्राप्त है।
