18 जून 2026 : Greater Mohali Area Development Authority समेत पंजाब के कई विकास प्राधिकरणों की लेखा प्रणाली और वित्तीय रिकॉर्ड जांच के दायरे में आ गए हैं। यह कार्रवाई करीब ₹6,400 करोड़ की रिकवरी से जुड़े मामलों के सामने आने के बाद शुरू की गई है।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित एजेंसियां विभिन्न प्राधिकरणों के खातों, राजस्व रिकॉर्ड, देनदारियों और वित्तीय लेनदेन की समीक्षा कर रही हैं। जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लेखा प्रक्रियाओं का पालन निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप किया गया था या नहीं।
Punjab में शहरी विकास से जुड़े कई निकायों के वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक नियमित वित्तीय समीक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या त्रुटि पाई जाती है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक धन के प्रबंधन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐसे ऑडिट और जांच आवश्यक होते हैं। इससे न केवल वित्तीय अनुशासन मजबूत होता है, बल्कि सरकारी संस्थाओं की जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी एजेंसी या अधिकारी के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। सभी संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों की विस्तृत समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
