पुणे 19 अप्रैल 2026 : मुंढवा स्थित 40 एकड़ सरकारी जमीन को निजी कंपनी को बेचते समय करोड़ों रुपये के स्टांप शुल्क की चोरी कर सरकार को नुकसान पहुंचाने के मामले में मुख्य आरोपी शीतल तेजवानी की गिरफ्तारी को बॉम्बे हाईकोर्ट ने गैरकानूनी करार दिया है। बावधन पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी और अदालत से मिली पुलिस कस्टडी को भी अवैध ठहराया गया।
हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए और कानूनी प्रक्रिया का सही पालन नहीं हुआ, जिससे उसके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ। अदालत ने यह भी माना कि नोटिस जारी करने की प्रक्रिया केवल औपचारिकता के तौर पर की गई थी।
इस मामले में तेजवानी के साथ कंपनी के निदेशक दिग्विजय पाटिल और तत्कालीन सह-निबंधक रविंद्र तारू के खिलाफ भी केस दर्ज है। वहीं, कर्ज धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में भी तेजवानी की गिरफ्तारी को हाईकोर्ट ने अवैध बताते हुए उन्हें जमानत देने के आदेश दिए।
