26 जुलाई 2026 : केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल करते हुए प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जोशी को इस मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था।
पूरी निष्ठा से निभाऊंगा जिम्मेदारी: प्रह्लाद जोशी
शिक्षा मंत्री का पदभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को “पूरी विनम्रता” और कर्तव्य की भावना के साथ निभाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह उनके मार्गदर्शन में मंत्रालय की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। जोशी ने पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने और शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों की भी सराहना की। गौरतलब है कि जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के साथ-साथ नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार भी संभाल रहे हैं।
NEET विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अपना इस्तीफा सौंपा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के हित में और यह सुनिश्चित करने के लिए इस्तीफा दिया है कि विरोध प्रदर्शनों का फायदा “राष्ट्रविरोधी ताकतें” न उठा सकें। प्रधान ने जोर दिया कि देश की एकता और छात्रों का भविष्य कानूनी जटिलताओं में नहीं फंसना चाहिए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने के आश्वासन के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 49 दिनों से चल रहे अपने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की है। यह निर्णय सरकारी प्रतिनिधियों और CJP के बीच तीन दौर की बातचीत के बाद लिया गया। समूह के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि वे सद्भावना के तहत आंदोलन वापस ले रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि सरकार तय समय सीमा के भीतर अपनी शर्तों को पूरा करेगी।
