• Thu. Sep 10th, 2026

दिल्ली PWD को मिला स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर, अधिकारियों पर होगी सीधी निगरानी

10 सितंबर 2026:  दिल्ली में सार्वजनिक निर्माण कार्यों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्र ने दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए दिल्ली लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर बनाने को मंजूरी दे दी है। इसके तहत PWD के 3,214 स्वीकृत इंजीनियरिंग पदों को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) कैडर से अलग कर स्वतंत्र दिल्ली PWD Engineering Cadre के तहत लाया जाएगा।

इस फैसले को दिल्ली के प्रशासनिक और विकास कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली सरकार का कहना है कि स्वतंत्र कैडर बनने से इंजीनियरों की उपलब्धता, परियोजनाओं की निगरानी और विकास कार्यों को पूरा करने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

करीब 30 साल से लंबित था फैसला

दिल्ली PWD के लिए अलग इंजीनियरिंग कैडर बनाने का मुद्दा करीब तीन दशक से लंबित था। अब केंद्र की मंजूरी के बाद दिल्ली सरकार को अपने इंजीनियरिंग ढांचे पर अधिक सीधा प्रशासनिक नियंत्रण मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे राजधानी के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनके अनुसार, अलग कैडर बनने से दिल्ली की जरूरतों के अनुरूप इंजीनियरिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

3,214 पद और 36 श्रेणियां होंगी शामिल

नए स्वतंत्र कैडर में दिल्ली PWD के इंजीनियरिंग विंग के 3,214 स्वीकृत पद शामिल होंगे। ये पद कुल 36 अलग-अलग श्रेणियों में हैं। अभी तक इन पदों पर नियुक्तियां केंद्रीय व्यवस्था के तहत होती थीं और PWD की इंजीनियरिंग सेवाएं काफी हद तक CPWD कैडर पर निर्भर थीं।

नई व्यवस्था के बाद दिल्ली सरकार को इंजीनियरिंग अधिकारियों की तैनाती और काम की निगरानी में अधिक अधिकार मिलने की उम्मीद है। इससे विभाग को अपनी जरूरत के अनुसार इंजीनियरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाली पदों को तेजी से भरने में मदद मिल सकती है।

अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय

स्वतंत्र कैडर का एक अहम उद्देश्य इंजीनियरिंग अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करना भी है। अब अगर किसी परियोजना में देरी, लापरवाही या निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया अधिक सीधे तरीके से की जा सकेगी।

पहले किसी अधिकारी के दूसरे कैडर के तहत होने के कारण प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने में दिक्कतें आ सकती थीं। अधिकारियों के तबादले की स्थिति में भी अलग-अलग विभागों के बीच फाइलों की प्रक्रिया लंबी हो सकती थी। स्वतंत्र कैडर से ऐसी प्रशासनिक जटिलताओं को कम करने की उम्मीद है।

विकास परियोजनाओं की निगरानी होगी आसान

दिल्ली में आने वाले समय में कई बड़ी निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम होना है। इनमें नया सचिवालय, सभी 11 जिलों में मिनी सचिवालय, सड़कें, पुल, मंडियां, खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।

ऐसे में सरकार का मानना है कि स्वतंत्र इंजीनियरिंग व्यवस्था से परियोजनाओं की योजना बनाने से लेकर उनके निर्माण और निगरानी तक की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

खाली पदों को भरने और काम में तेजी की उम्मीद

दिल्ली सरकार के मुताबिक, नए कैडर से इंजीनियरों की उपलब्धता बेहतर होगी और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जा सकेगी। इससे विभिन्न परियोजनाओं के लिए पर्याप्त तकनीकी अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।

इसके साथ ही परियोजनाओं की प्रगति पर निगरानी रखने और काम में आने वाली तकनीकी या प्रशासनिक समस्याओं का समय पर समाधान करने की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।

दिल्ली सरकार को मिलेगा अधिक प्रशासनिक नियंत्रण

अब तक दिल्ली PWD की इंजीनियरिंग व्यवस्था में CPWD कैडर की बड़ी भूमिका थी। नई व्यवस्था के बाद दिल्ली सरकार को अपने इंजीनियरिंग अधिकारियों के काम और तैनाती पर अधिक नियंत्रण मिलने की उम्मीद है।

सरकार का कहना है कि दिल्ली की विकास जरूरतें अन्य क्षेत्रों से अलग हैं। राजधानी में लगातार नई सड़कों, पुलों, सरकारी इमारतों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण और रखरखाव किया जाता है। ऐसे में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप स्वतंत्र इंजीनियरिंग व्यवस्था महत्वपूर्ण हो सकती है।

जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर

स्वतंत्र कैडर का उद्देश्य केवल प्रशासनिक ढांचे में बदलाव करना नहीं है। सरकार इसे सार्वजनिक निर्माण कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने से भी जोड़ रही है।

परियोजनाओं में देरी या निर्माण संबंधी कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा अधिक सीधे तरीके से की जा सकेगी। इससे अधिकारियों के प्रदर्शन को उनके जिम्मे दिए गए कार्यों और परियोजनाओं के आधार पर देखने की व्यवस्था मजबूत हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *