15 सितंबर, 2026 पंजाब के मिथापुर के युवा हॉकी खिलाड़ी Prabhdeep Singh ने जूनियर एशिया कप में शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम का हिस्सा रहे Prabhdeep ने टूर्नामेंट में 8 गोल किए और टीम की सफलता में अहम योगदान दिया। अब उनकी नजर आने वाले हॉकी वर्ल्ड कप पर है।
भारत के लिए गोल करने का सपना हुआ पूरा
Prabhdeep Singh ने भारतीय टीम के लिए खेलने से पहले खुद को एक छोटा लेकिन खास लक्ष्य दिया था। उन्होंने लिखा था, “Today, a goal for India.” मैदान पर उतरने के बाद उन्होंने अपने इस लक्ष्य को पूरा किया और भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल भी किए।
जूनियर एशिया कप में उनका प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा। टूर्नामेंट में 8 गोल करने के बाद Prabhdeep ने अपनी टीम के लिए एक मजबूत आक्रमणकारी खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाई।
पंजाब के कई खिलाड़ियों को भारतीय टीम में जगह
भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम में Prabhdeep Singh के अलावा पंजाब के तीन अन्य खिलाड़ियों को भी जगह मिली थी। इनमें खुसरोपुर के Manmeet Singh Rai, PAP-Jalandhar के Lavnur Singh और Round Glass Academy, Gurdaspur के Gursewak Singh शामिल थे।
पंजाब की महिला हॉकी को भी जूनियर एशिया कप में प्रतिनिधित्व मिला। बठिंडा की Sukhvir Kaur भारतीय जूनियर महिला टीम का हिस्सा रहीं और भारतीय महिला टीम ने जूनियर एशिया कप का खिताब अपने नाम किया।
चोट के कारण करीब एक साल हॉकी से दूर रहे
Prabhdeep का सफर आसान नहीं रहा है। वर्ष 2025 में लगी चोट ने उनके करियर को बड़ा झटका दिया था। चोट के कारण वह करीब एक साल तक हॉकी से दूर रहे।
उस दौर को याद करते हुए Prabhdeep ने बताया कि उन्हें यह चिंता होने लगी थी कि वह दोबारा हॉकी खेल भी पाएंगे या नहीं। यह उनके लिए काफी मुश्किल समय था। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और वापसी के लिए मेहनत जारी रखी।
आठ साल की उम्र से शुरू किया हॉकी का सफर
Prabhdeep ने महज आठ साल की उम्र में हॉकी खेलना शुरू किया था। उनके पिता Rajinder Singh उन्हें अभ्यास के लिए मैदान तक लेकर जाते थे। इसी तरह धीरे-धीरे उन्होंने खेल में अपनी जगह बनाई और आगे बढ़ते गए।
मिथापुर अकादमी में उनके शुरुआती कोच Kuldeep Singh ने भी उनकी मेहनत की तारीफ की है। कोच के मुताबिक Prabhdeep शुरुआत से ही अपने खेल और अभ्यास को लेकर काफी गंभीर और मेहनती रहे हैं।
सीनियर खिलाड़ियों से मिली प्रेरणा
Prabhdeep ने भारतीय हॉकी के कई सीनियर खिलाड़ियों को देखकर प्रेरणा ली है। उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान Manpreet Singh और खिलाड़ी Mandeep Singh को देखते हुए हॉकी में आगे बढ़ने का सपना बनाया।
उनका लक्ष्य केवल जूनियर स्तर तक सीमित नहीं है। Prabhdeep ने भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतने की इच्छा भी जताई है। अब भारतीय जूनियर टीम के साथ वर्ल्ड कप की तैयारी उनके करियर का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव है।
वर्ल्ड कप के लिए नई चुनौती
जूनियर एशिया कप में अच्छे प्रदर्शन के बाद Prabhdeep के सामने अब हॉकी वर्ल्ड कप की चुनौती है। एशिया कप में मिले अनुभव से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का आत्मविश्वास मिला है।
वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के लिए प्रदर्शन करना उनके करियर को नई दिशा दे सकता है। ऐसे में उनकी कोशिश होगी कि एशिया कप की फॉर्म को आगे भी बरकरार रखा जाए और टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया जाए।
मेहनत और वापसी की कहानी
Prabhdeep की कहानी उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है जो चोट या किसी अन्य मुश्किल के कारण अपने खेल से दूर हो जाते हैं। करीब एक साल तक मैदान से दूर रहने के बाद उन्होंने दोबारा वापसी की और भारतीय जूनियर टीम तक पहुंचे।
अब एशिया कप में 8 गोल करने के बाद उनकी पहचान भारतीय हॉकी के उभरते हुए खिलाड़ियों में मजबूत हुई है। उनके शुरुआती कोच भी उन्हें बेहद मेहनती खिलाड़ी मानते हैं।
