7 अगस्त, 2026 : बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने ऊना दलित कांड मामले में 35 आरोपियों के बरी होने पर सवाल उठाते हुए गुजरात सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने न्याय व्यवस्था और दलित समाज की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
मायावती ने गुजरात सरकार से मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराने और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दलितों के खिलाफ होने वाले अत्याचार के मामलों में न्याय में देरी या आरोपियों का बच निकलना चिंताजनक है।
फैसले पर उठाए सवाल
मायावती ने पूछा कि इतने गंभीर मामले में बड़ी संख्या में आरोपी बरी कैसे हो गए। उन्होंने कहा कि यदि जांच या अभियोजन में कोई कमी रही है, तो उसकी भी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
सरकार से कार्रवाई की मांग
उन्होंने गुजरात सरकार से अपील की कि मामले में उपलब्ध कानूनी विकल्पों का उपयोग करते हुए उचित कदम उठाए जाएं, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।
दलित सुरक्षा पर जोर
BSP प्रमुख ने कहा कि दलितों के खिलाफ अपराध के मामलों में सख्त और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने सरकारों से ऐसे मामलों में संवेदनशील और जवाबदेह रवैया अपनाने की अपील की।
